न्यूजीलैंड श्रृंखला के लिए टीम का चयन
अक्टूबर और नवंबर 2026 के दौरान आयोजित होने वाले टी20 मुकाबलों के लिए आधिकारिक तौर पर भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। इस नई चयन सूची में करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की एक बार फिर से भारतीय टीम में वापसी हुई है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में बेहद शानदार और प्रभावशाली प्रदर्शन करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनके इसी बेहतरीन खेल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को लगातार दो खिताबी जीत दिलाने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया था। इसी दमदार प्रदर्शन के दम पर अनुभवी गेंदबाज ने दोबारा से राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। घरेलू और आईपीएल के स्तर पर उनका यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए काफी अहम साबित हुआ है। इस चयन से टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
मोहम्मद शमी की वापसी पर समर्थन
भुवनेश्वर कुमार के चयन के ठीक बाद से ही अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भी जल्द ही भारतीय दल में लौटने की उम्मीदें काफी बढ़ चुकी हैं। मोहम्मद शमी ने अपने शानदार करियर में भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैच, 108 वनडे मैच और 25 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं। उन्होंने देश के लिए अपना अंतिम मुकाबला मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल के रूप में खेला था। अब बंगाल के मौजूदा कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने खुलकर मोहम्मद शमी का समर्थन किया है और उनकी वापसी की पुरजोर उम्मीद जताई है। लक्ष्मी रतन शुक्ला ने मोहम्मद शमी की कड़ी मेहनत और देश तथा टीम के प्रति उनके समर्पण भाव की जमकर प्रशंसा की है। कोच ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा है कि वह शमी को एक बार फिर से भारत के लिए खेलते हुए देखना चाहते हैं। उनका यह सपना है कि शमी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत भारत के लिए मैदान पर खेलते हुए ही करें। शमी विश्व क्रिकेट के सबसे महान तेज गेंदबाजों में शुमार हैं और वे इस वापसी के सच्चे हकदार हैं।
शमी का संघर्ष और पिछला अनुभव
मोहम्मद शमी लगातार कड़ी मेहनत करके चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने का पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि वे दोबारा टीम इंडिया में अपनी जगह बना सकें। लक्ष्मी रतन शुक्ला ने शमी के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कई अहम बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि वे शमी को उस दौर से अच्छी तरह जानते हैं जब वह सिर्फ एक साधारण नेट गेंदबाज हुआ करते थे। शमी ने उनकी ही कप्तानी में बंगाल की राज्य टीम के लिए अपना क्रिकेट डेब्यू किया था। कोच ने राज्य की टीम के प्रति शमी के इस उच्च स्तर के समर्पण और निष्ठा की विशेष रूप से सराहना की है। इसके अलावा 2026 दलीप ट्रॉफी के फाइनल के तुरंत बाद मोहम्मद शमी ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि एक खिलाड़ी को हमेशा खुद को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रेरित रहना चाहिए। इस स्तर पर खेलने वाले हर एक खिलाड़ी के मन में लगातार आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा होनी चाहिए। खिलाड़ी चाहे किसी भी स्तर पर खेल रहा हो, उसकी नजर हमेशा अपने अगले बड़े मुकाम पर टिकी होनी चाहिए।