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उत्कृष्ट उपलब्धि: कोंडागांव की तीरंदाज सुशीला नेताम को मुख्यमंत्री ट्रॉफी से नवाजा गया
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की प्रतिभाशाली तीरंदाज सुशीला नेताम को उनकी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा और उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
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Ankit Yadav
03 सित 2026, 16:37
देश भर में राष्ट्रीय खेल दिवस का पर्व बेहद उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उनकी मेहनत और लगन का सिला मिल रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल कोंडागांव जिले से ताल्लुक रखने वाली प्रतिभावान तीरंदाज सुशीला नेताम को उनकी शानदार खेल उपलब्धियों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ट्रॉफी से सम्मानित किए जाने की बड़ी खबर सामने आई है। इस विशेष सम्मान ने न केवल सुशीला के व्यक्तिगत खेल करियर में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है, बल्कि पूरे राज्य के युवाओं विशेषकर ग्रामीण परिवेश की खेल प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणास्त्रोत का काम किया है।
खेल जगत में कोंडागांव का बढ़ता मान
राज्य की राजधानी में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथों से सुशीला नेताम को इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी से अलंकृत किया। इस अवसर पर खेल जगत की कई जानी-मानी हस्तियां, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे। सुशीला की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण इलाकों के युवाओं को सही दिशा, पर्याप्त संसाधन और उचित मंच मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। तीरंदाजी जैसे तकनीकी और एकाग्रता वाले खेल में अपनी विशेष पहचान बनाना कोई आसान कार्य नहीं है, लेकिन सुशीला ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित सम्मान मिलने से खिलाड़ियों का मनोबल काफी ऊंचा होता है। जब राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा किसी खिलाड़ी की प्रतिभा को सराहा जाता है, तो इससे उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की ऊर्जा मिलती है। सुशीला नेताम की इस उपलब्धि के बाद उनके गृह जिले कोंडागांव में खुशी का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों, उनके प्रशिक्षकों और परिजनों ने इस सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सुशीला की यह यात्रा आने वाली पीढ़ी के कई उभरते हुए तीरंदाजों के लिए एक मिसाल बनेगी और वे भी खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे।
भविष्य की तैयारियों और उम्मीदों को नई उड़ान
इस सम्मान के बाद सुशीला नेताम के कंधों पर जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। खेल समीक्षकों का कहना है कि सुशीला के पास अपार प्रतिभा है और यदि उन्हें लगातार इसी प्रकार का प्रोत्साहन और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलता रहा, तो वह आने वाले समय में देश के लिए और भी बड़े पदक जीत सकती हैं। सरकार और खेल विभाग द्वारा भी ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे विश्व मंच पर देश का तिरंगा शान से फहरा सकें। राष्ट्रीय खेल दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर सुशीला को मिला यह सम्मान उनके सुनहरे भविष्य की एक मजबूत नींव साबित होगा, जिसे पूरा देश और खासकर छत्तीसगढ़ गर्व के साथ देख रहा है।