कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

बड़ा बदलाव: स्पॉटिफ़ाई ने एआई कलाकारों की पहचान कर उन्हें सिफारिशों से बाहर किया

ऑडियो स्ट्रीमिंग की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्पॉटिफ़ाई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कलाकारों और उनके संगीत के खिलाफ सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। प्लेटफॉर्म ने ऐसे कलाकारों की पहचान करके उन्हें अपनी सिफारिश प्रणाली से हटाना शुरू कर दिया है।

X
Kantap News डेस्क
12 अग 2026, 15:52
बड़ा बदलाव: स्पॉटिफ़ाई ने एआई कलाकारों की पहचान कर उन्हें सिफारिशों से बाहर किया
आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें संगीत निर्माण भी शामिल है। हाल ही में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, लोकप्रिय ऑडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म स्पॉटिफ़ाई ने एआई की मदद से तैयार किए जाने वाले गानों और ऐसे कलाकारों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। इस नए कदम के तहत, मंच पर एआई जनित सामग्री बनाने वालों की विशेष रूप से पहचान की जा रही है ताकि श्रोताओं को असली और मानवीय कला का बेहतर अनुभव मिल सके।

सिफारिशों में बदलाव

प्लेटफॉर्म के इस नए बदलाव का सीधा असर यह हुआ है कि अब एआई कलाकारों द्वारा बनाए गए संगीत को उपयोगकर्ताओं की होम स्क्रीन और उनकी व्यक्तिगत सिफारिश सूचियों (रिकमेंडेशन) से बाहर किया जा रहा है। पारंपरिक कलाकारों और गीतकारों के अधिकारों की रक्षा करने और मंच पर गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगीत उद्योग लंबे समय से एआई जनित धुनों और आवाजों के बढ़ते चलन को लेकर चिंतित था, क्योंकि इससे वास्तविक कलाकारों की आजीविका प्रभावित हो रही थी। ऑडियो स्ट्रीमिंग दिग्गजों द्वारा उठाया गया यह कदम आने वाले समय में डिजिटल संगीत बाजार की दिशा तय कर सकता है। हालांकि कंपनी ने इस नई नीति के तकनीकी पहलुओं पर अभी पूरी तरह से खुलकर बात नहीं की है, लेकिन यह साफ है कि एआई सामग्री की पहचान और उसकी पहुंच को सीमित करने का यह सिलसिला शुरू हो चुका है। श्रोता अब अपनी पसंदीदा सूचियों में अधिक प्रामाणिक और मानवीय रचनाओं की उम्मीद कर सकते हैं, जबकि एआई रचनाकारों को अपने काम के वितरण में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज