साइबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम में आए दिन सामने आ रहे ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए आज जिला पुलिस प्रशासन ने एक नया जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस की विशेष टीमें शहर के विभिन्न कॉर्पोरेट कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, आरडब्ल्यूए और बाजारों में जाकर लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड के नए तौर-तरीकों जैसे कि फेक लोन ऐप, डिजिटल अरेस्ट, और ओटीपी धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए। पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि थोड़ी सी सावधानी और सतर्कता बरतकर ही इन साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचा जा सकता है।
हेल्पलाइन नंबर और त्वरित कार्रवाई की जानकारी
कार्यशालाओं और नुक्कड़ नाटको के माध्यम से लोगों को यह भी समझाया गया कि यदि वे किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो उन्हें तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, ठगी गई राशि को वापस पाने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। स्थानीय नागरिकों और आईटी प्रोफेशनल्स ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के अभियानों से समाज में डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी।
जिला प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि आने वाले हफ्तों में ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग तक यह महत्वपूर्ण जानकारी पहुंच सके। बैंक अधिकारियों और टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।