जापानी कंपनियों के लिए यूपी में सेमीकंडक्टर निवेश: उत्तर प्रदेश बनेगा ग्लोबल टेक हब
उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर और हाई-टेक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार जापानी कंपनियों को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों और वैश्विक कंपनियों के साथ बढ़ती वार्ताओं के चलते जापानी दिग्गज अब राज्य में चिप विनिर्माण, टेस्टिंग, और पैकेजिंग इकाइयों में भारी निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और समर्पित 'जापान सिटी' का निर्माण
जापानी निवेशकों को आकर्षित करने और उनके लिए पारदर्शी माहौल तैयार करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पास 500 एकड़ में एक समर्पित 'जापान सिटी' विकसित की जा रही है।
वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स: जेवर एयरपोर्ट, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे के जाल से जापानी कंपनियों को निर्बाध सप्लाई चेन और वैश्विक निर्यात की सुविधा मिलेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क: सेमीकंडक्टर चिप्स के अलावा, डिस्प्ले पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के विनिर्माण के लिए प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
24x7 सुविधाएं: निर्बाध बिजली, जल आपूर्ति और उच्च स्तरीय सुरक्षा के साथ जापानी कंपनियों के अधिकारियों और इंजीनियरों के लिए आधुनिक आवास सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
नीतिगत प्रोत्साहन और स्किल्ड वर्कफोर्स की उपलब्धता
राज्य सरकार ने अपनी सेमीकंडक्टर नीति के तहत निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, सस्ती दर पर भूमि, और स्टाम्प ड्यूटी में पूर्ण छूट जैसे विशेष लाभ दिए हैं। जापानी सेमीकंडक्टर कंपनियों के आने से न केवल प्रदेश में अत्याधुनिक तकनीक का हस्तांतरण होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर जापानी मानकों के अनुरूप युवाओं को सेमीकंडक्टर डिज़ाइनिंग और प्रिसिजन इंजीनियरिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाने में निर्णायक साबित होगी।