कंटाप
NEWS
बुधवार, 2 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
क्या मोदी की सुनेंगे पुतिन और युद्ध बंद कर देंगे?      नेपाल बाढ़: वायरल हुए इस सीसीटीवी फ़ुटेज के बाद यहां क्या हुआ?      सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच करेगी सीबीआई, बॉम्बे HC का आदेश      सिंधु जल संधि पर परमानेंट कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन का पाकिस्तान के पक्ष में फ़ैसला, भारत पर क्या असर?      चुपके-चुपके ईरान की ताकत बढ़ा रहा है रूस? सामने आई अमेरिका को परेशान करने वाली खबर      UP Weather Today: लखनऊ में खूब बरसे बादल, 20 जिलों में आज व कल भारी वर्षा का अलर्ट      फर्जी टोल वसूली मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 7 राज्यों में छापेमारी      यूपी का मौसम 2 सितंबरः नौ जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, पांच दिनों तक मेहरबान रहेगा मानसून     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

कूलिंग तकनीक: अंडे के छिलकों से तैयार ईंटें रखेगी घरों को ठंडा

भवन निर्माण सामग्री के क्षेत्र में एक अनूठा और पर्यावरण के अनुकूल नवाचार सामने आया है, जिसके तहत अंडे के कचरे से आधुनिक और हाईटेक ईंटों का निर्माण किया गया है।

A
Ankit Yadav
02 सित 2026, 11:13
कूलिंग तकनीक: अंडे के छिलकों से तैयार ईंटें रखेगी घरों को ठंडा
पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक निर्माण तकनीकों के दौर में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने एक बेहद दिलचस्प और उपयोगी समाधान खोज निकाला है। अब पोल्ट्री कचरे के रूप में फेंके जाने वाले अंडे के छिलकों का इस्तेमाल करके ऐसी विशेष ईंटें बनाई गई हैं जो भवनों के भीतर तापमान को नियंत्रित रखने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस अनूठी तकनीक के माध्यम से पारंपरिक निर्माण सामग्री के विकल्पों पर नए सिरे से विचार किया जा रहा है, जिससे न केवल कचरा प्रबंधन में मदद मिलेगी बल्कि आम जनजीवन के लिए भी यह बेहद फायदेमंद साबित होगा।

अंडे के छिलकों से बनेगी मजबूत और ठंडी दीवारें

पारंपरिक ईंटों की तुलना में यह नई तकनीक वाली ईंटें गर्मी को अपने अंदर सोखने के बजाय उसे बाहर ही रोकने का काम करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये विशेष ईंटें लगभग 50 प्रतिशत तक कम गर्मी को अपने भीतर अवशोषित करती हैं, जिससे गर्मियों के दिनों में घरों और कार्यालयों के भीतर का वातावरण प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है। इस तरह की थर्मल इंसुलेशन खूबी से लैस ईंटों के इस्तेमाल से एयर कंडीशनर और अन्य कूलिंग उपकरणों पर आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है। बढ़ते शहरीकरण और ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे हैं, जिसके कारण घरों के अंदर का तापमान लगातार बढ़ता रहता है। ऐसे में इस प्रकार की ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल्स की मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। वैज्ञानिकों ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि निर्माण उद्योग में यदि टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को अपनाया जाए, तो ऊर्जा की खपत को भारी मात्रा में घटाया जा सकता है। आने वाले समय में इन उत्पादों का व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने पर यह आम जनता के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इस अनोखी तकनीक को लेकर विशेषज्ञों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। शोधकर्ताओं की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि इन ईंटों की मजबूती और स्थायित्व को विभिन्न मौसमों में कैसे और बेहतर बनाया जाए। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले वर्षों में पारंपरिक ईंटों की जगह इस तरह के पर्यावरण-मित्र विकल्प हमारे शहरों की तस्वीर और तासीर दोनों को पूरी तरह से बदलने का दम रखते हैं।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज