स्काईफॉल एआई द्वारा नए मॉडल की पेशी
अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थित स्काईफॉल एआई स्टार्टअप के को-फाउंडर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम पशुपालक ने एक आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई प्रणाली को दुनिया के सामने रखा है। इस नए सिस्टम को SKY-001 नाम दिया गया है, जो वास्तुकला और तकनीकी डिजाइन की दुनिया में बड़े बदलाव लाने की पूरी क्षमता रखता है। कंपनी का मुख्य दावा यह है कि यह नया मॉडल दुनिया भर में सबसे ताकतवर माने जाने वाले अन्य कंप्यूटर सिस्टम जैसे ओपनएआई के जीपीटी-6 एस्ट्रा को गति, पैसे की बचत और सटीकता के मामले में कड़ी टक्कर दे सकता है। सैम पशुपालक और उनकी पूरी शोध टीम ने लगातार 18 महीनों तक कठिन अनुसंधान करने के बाद इस आधुनिक मॉडल को सफलतापूर्वक तैयार किया है। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसके परीक्षण के आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि कैसे यह जटिल तकनीकी कार्यों को काफी कम खर्च में आसानी से पूरा कर सकता है। मूल रूप से ओडिशा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के रहने वाले सैम वर्तमान समय में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में ही निवास करते हैं।
जटिल डिज़ाइन और निर्माण प्रक्रिया की कार्यप्रणाली
पारंपरिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों के विपरीत यह नया सिस्टम बड़े और मुश्किल प्रोजेक्ट्स को बहुत ही अलग तरीके से हल करता है। आमतौर पर पुराने तकनीकी मॉडल केवल कोडिंग करने या फिर चित्र आधारित डिजाइन तैयार करने में ही माहिर होते हैं, लेकिन किसी बड़े भौतिक उत्पाद को बनाने के लिए जरूरी सभी छोटे-छोटे पुर्जों की सटीक जानकारी एक साथ नहीं दे पाते हैं। यहीं पर स्काईफॉल एआई का नया मॉडल अपनी खूबी साबित करता है और बाजी मार लेता है। सैम ने बताया कि यह उत्पाद पूरे प्रोजेक्ट को एक साथ बनाने के बजाय उसे छोटे-छोटे चरणों में बांटकर संचालित करता है। किसी बड़े उत्पाद की डिजाइनिंग के दौरान यह मॉडल सबसे पहले पूरे सिस्टम को छोटी इकाइयों और अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करता है। इसके बाद वह चित्रमय खाके और निर्माण के चरणों के माध्यम से यह तय करता है कि हर एक हिस्सा आपस में किस तरह से जोड़ा जाएगा। वास्तुकला की डिजाइनिंग के मामले में यह मॉडल किसी पूरी इमारत के नक्शे को अलग-अलग कमरों और छोटी इकाइयों के आधार पर चरण-दर-चरण तैयार करता है। कंपनी का कहना है कि इस अनूठी पद्धति से सैकड़ों और हजारों चरणों वाले कठिन तकनीकी प्रोजेक्ट्स को किसी भी तकनीकी गलती के बिना आसानी से डिजाइन किया जा सकता है।
संस्थापक की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और पुराना अनुभव
इस आधुनिक तकनीक को विकसित करने वाले सैम पशुपालक का तकनीकी जगत में यह कोई पहला बड़ा कारनामा नहीं है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2011 में मलूबा नाम से एक एआई स्टार्टअप कंपनी की शुरुआत की थी, जिसे बाद में साल 2017 में जानी-मानी दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने खरीद लिया था। वर्ष 2025 में स्काईफॉल एआई की स्थापना करने से पहले वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण के क्षेत्र में कई बड़ी और अहम टीमों का नेतृत्व भी कर चुके हैं। अपनी पढ़ाई के सफर में उन्होंने साल 2011 में कनाडा की प्रसिद्ध वाटरलू यूनिवर्सिटी से गणित और कंप्यूटर विज्ञान विषयों में अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की थी। उस दौरान उन्होंने एआई, रोबोटिक्स और मानव-कंप्यूटर संवाद से जुड़े विषयों पर काफी काम किया था। इसके पश्चात उन्होंने वर्ष 2019 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से राजनीति विज्ञान में अपनी स्नातकोत्तर की डिग्री भी हासिल की थी। उनके इन तमाम पुराने अनुभवों और तकनीकी ज्ञान का ही परिणाम है कि आज उनकी कंपनी वैश्विक स्तर पर एक नया और किफायती विकल्प पेश करने में सफल रही है।