कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      जोहरान ममदानी को RSS का करारा जवाब, X अकाउंट भी बहाल, मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा पर बड़ा अपडेट      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      कौन थे अंकित बालियान जिनकी शामली में जिम के बाहर हुई हत्या      पेंगुइन का सोनिया गांधी की किताब छापने से इनकार, सामने आया कारण      दिल्ली में ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश... स्पेशल सेल ने पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पाकिस्तान भेजते थे भारतीय SIM कार्ड     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
टेक्नोलॉजी

रक्षा तकनीक में नया मील का पत्थर: भारत ने विकसित किया जीपीएस के बिना हमला करने वाला वाहक-6 मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम

भारतीय रक्षा अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश ने नया 'वाहक-6' मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम तैयार कर लिया है। यह अत्याधुनिक तकनीक बिना जीपीएस संकेतों के भी सटीक हमला करने की क्षमता रखती है और युद्धक मैदान में रणनीति को पूरी तरह बदल सकती है।

A
Ankit Yadav
26 अग 2026, 13:32
रक्षा तकनीक में नया मील का पत्थर: भारत ने विकसित किया जीपीएस के बिना हमला करने वाला वाहक-6 मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम
भारतीय रक्षा विशेषज्ञों ने अपनी तकनीकी क्षमताओं का एक और बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए अत्याधुनिक 'वाहक-6' मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम को पूरी तरह तैयार कर लिया है। आधुनिक युद्ध रणनीतियों और भविष्य के संघर्षों को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को डिजाइन किया गया है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह अनूठा सिस्टम कई प्रकार की आधुनिक खूबियों से लैस है जो इसे पारंपरिक मानवरहित प्रणालियों से काफी आगे खड़ा करती हैं। वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सिग्नल जैमिंग के बढ़ते खतरों के बीच इस तरह की तकनीकों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी, जिसे इस स्वदेशी पहल ने पूरा करने का काम किया है।

जीपीएस के बिना भी अचूक निशाना

पैराग्राफ दो के अंतर्गत, इस नई मदरशिप प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह बताई जा रही है कि यह ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस की अनुपस्थिति में भी पूरी तरह प्रभावी तरीके से काम कर सकती है। अक्सर यह देखा गया है कि आधुनिक युद्धों के दौरान दुश्मन सेनाएं जीपीएस संकेतों को जैम या ब्लॉक कर देती हैं जिससे नेविगेशन में भारी दिक्कतें आती हैं। लेकिन 'वाहक-6' सिस्टम पर इस प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक हमलों का कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बिना किसी बाहरी नेविगेशन सिग्नल के सहारे अपने लक्ष्य का निर्धारण करने और दुश्मन के ठिकानों पर सटीक प्रहार करने में पूरी तरह सक्षम है। यह तकनीक भारतीय रक्षा बलों को किसी भी चुनौतीपूर्ण और दुर्गम क्षेत्र में बिना किसी तकनीकी बाधा के अपने सामरिक अभियानों को अंजाम देने की बड़ी ताकत प्रदान करेगी। इस उन्नत मल्टी-ड्रोन मदरशिप सिस्टम की कार्यप्रणाली बेहद व्यापक और एकीकृत है, जिसमें तलाश करने से लेकर, दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने और अंततः उसे पूरी तरह नेस्तनाबूद करने तक के सभी चरण शामिल हैं। इसे 'सर्च, डिटेक्ट से डिस्ट्रॉय' यानी खोजो, पहचानो और नष्ट करो के सिद्धांत पर पूरी तरह से काम करने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए एक साथ कई मानवरहित ड्रोन को संचालित किया जा सकता है जो युद्ध के मैदान में एक मजबूत छतरी की तरह काम करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सिस्टम के आने से भारतीय सेना की मारक क्षमता में कई गुना इजाफा होगा। सीमाओं पर सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए ऐसी प्रणालियों का होना बेहद जरूरी था। आने वाले समय में रक्षा बलों के भीतर इसके व्यापक परीक्षण और सामरिक तैनाती को लेकर और भी बड़े कदम उठाए जाने की पूरी संभावना है, जिससे देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को एक नया और मजबूत आयाम मिलेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज