भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने देश भर के स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए एक अति-महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। नोडल एजेंसी के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा 'स्मार्ट-बैंकर' नामक एक नया परिष्कृत मालवेयर फैलाया जा रहा है। यह मालवेयर अनधिकृत थर्ड-पार्टी एपीके फ़ाइलों और फर्जी एसएमएस लिंक्स के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के फोन में प्रवेश करता है और उनके बैंकिंग पासवर्ड, वन-टाइम पासवर्ड (OTP) व वित्तीय डेटा को चुराने में सक्षम है।
एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह मालवेयर फोन में इंस्टॉल होने के बाद एक्सेसिबिलिटी सर्विसेज की अनुमति प्राप्त कर लेता है और बैकग्राउंड में बिना यूजर की जानकारी के संवेदनशील गतिविधियों को ट्रैक करता है। CERT-In ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे केवल गूगल प्ले स्टोर या आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें। इसके साथ ही अनजान नंबरों से आए एसएमएस लिंक्स पर क्लिक न करने और अपने डिवाइस में नवीनतम सिक्योरिटी पैच अपडेट रखने का आग्रह किया गया है।
देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल वित्तीय लेन-देन के बीच इस प्रकार के साइबर खतरों का बढ़ना चिंता का विषय है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम सेल ने भी बैंकों को अपने धोखाधड़ी-रोधी प्रणालियों को मजबूत करने का निर्देश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर सुरक्षा केवल एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर पर निर्भर नहीं है, बल्कि उपयोगकर्ताओं की सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे खतरों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार है।