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विदेश ब्रेकिंग

बड़ी त्रासदी: रूसी सेना में शामिल 51 भारतीयों की मौत, 139 को किया गया डिस्चार्ज

विदेश मंत्रालय ने रूसी सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक आंकड़ा साझा किया है, जिसके अनुसार संघर्ष के दौरान 51 भारतीयों की जान जा चुकी है।

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Ankit Yadav
01 सित 2026, 11:08
बड़ी त्रासदी: रूसी सेना में शामिल 51 भारतीयों की मौत, 139 को किया गया डिस्चार्ज
विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर एक गंभीर मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए देश के सामने महत्वपूर्ण आंकड़े रखे हैं। मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, रूसी सेना में अपनी सेवाएं दे रहे कुल इक्यावन भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। इस संवेदनशील मसले पर भारत सरकार लगातार रूसी प्रशासन के संपर्क में है ताकि वहां फंसे अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जा सके।

अबतक की गई कार्रवाई और डिस्चार्ज

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के बीच कुल एक सौ उनतालीस भारतीयों को रूसी सेना से सफलतापूर्वक डिस्चार्ज करवा लिया गया है। सरकार के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप इन लोगों को वहां से मुक्त कराया जा सका है। इस प्रक्रिया में भारतीय दूतावास और मॉस्को में मौजूद राजनयिक अधिकारियों ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे कई नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ऐसी रिपोर्ट्स लगातार सामने आ रही थीं कि कई युवाओं को आकर्षक नौकरियों या अन्य अवसरों का झांसा देकर धोखे से रूसी सैन्य बलों में शामिल करवा लिया गया था। युद्ध क्षेत्र में फंसने के बाद इन नागरिकों और उनके परिजनों ने भारतीय सरकार से गुहार लगाई थी। इसके बाद से ही नई दिल्ली ने इस मुद्दे को मॉस्को के शीर्ष नेतृत्व के समक्ष बेहद कड़ाई से उठाया है और भारतीय नागरिकों की समय पर रिहाई की मांग की है। मंत्रालय ने दोहराया है कि सरकार विदेश में रह रहे अपने हर एक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है तथा प्रभावितों को हर संभव कूटनीतिक और कानूनी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।

भविष्य के लिए चेतावनी और सलाह

इस पूरी घटना के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय ने देश के युवाओं के लिए एक सख्त परामर्श जारी किया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे विदेशों में नौकरी या अन्य प्रलोभनों के चक्कर में पड़ने से पहले उनकी प्रामाणिकता की पूरी जांच अवश्य कर लें। खासकर युद्ध प्रभावित क्षेत्रों या संदिग्ध अनुबंध वाली सैन्य नौकरियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
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