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कृषि

आधुनिक खेती: बागपत के किसानों ने अपनाई ड्रोन फार्मिंग तकनीक

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में किसानों ने कृषि के क्षेत्र में एक नया कदम उठाते हुए ड्रोन फार्मिंग को अपनाना शुरू कर दिया है, जिससे खेती की प्रक्रिया अधिक आधुनिक और सुगम बन गई है।

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Ankit Yadav
21 अग 2026, 12:27
आधुनिक खेती: बागपत के किसानों ने अपनाई ड्रोन फार्मिंग तकनीक
उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में लगातार नए तकनीकी बदलाव देखने को मिल रहे हैं, और इसी कड़ी में बागपत जिले के अन्नदाताओं ने एक उल्लेखनीय कदम उठाया है। यहाँ के किसानों ने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक ड्रोन फार्मिंग तकनीक को अपनाना शुरू कर दिया है। इस बदलाव से न केवल खेती के काम आसान हो रहे हैं, बल्कि कृषि कार्यों में समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है। इस नई व्यवस्था के तहत फसलों पर कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव अब मानव श्रम की जगह ड्रोन के माध्यम से किया जा रहा है, जो बेहद कम समय में पूरे खेत में समान रूप से फैल जाता है।

परंपरागत खेती से आधुनिकता की ओर कदम

खेती किसानी के काम में आधुनिक तकनीकों का समावेश आज के समय की बड़ी मांग बन चुका है। बागपत के किसानों द्वारा ड्रोन तकनीक को अपनाए जाने से खेती की पूरी तस्वीर बदलती नजर आ रही है। पहले जहां खेतों में कीटनाशक छिड़कने के लिए घंटों तक भारी-भरकम उपकरणों के साथ मजदूरों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती थी, वहीं अब एक छोटा सा ड्रोन कुछ ही मिनटों में पूरे खेत में सटीक तरीके से छिड़काव पूरा कर देता है। इससे किसानों को शारीरिक श्रम से बड़ी राहत मिली है और उनकी कार्यक्षमता में भी काफी सुधार हुआ है। इस तकनीक के उपयोग से रसायनों की बर्बादी भी कम होती है और फसल को सही मात्रा में पोषण मिलता है। खाद और कीटनाशक छिड़काव के दौरान होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों से भी किसानों को अब काफी हद तक सुरक्षा मिल रही है। पारंपरिक छिड़काव विधि में जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क में आने से किसानों और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका बनी रहती थी, लेकिन ड्रोन तकनीक के आने से इंसान और रसायन के बीच की दूरी बढ़ गई है। रिमोट के जरिए संचालित होने वाले ये ड्रोन सुरक्षित दूरी से ही अपना काम पूरा कर लेते हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकें आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और खेती को अधिक लाभकारी तथा सुरक्षित बनाएंगी। बागपत के स्थानीय कृषि जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में तकनीक आधारित खेती ही कृषि का भविष्य तय करेगी। सरकार द्वारा भी किसानों को आधुनिक उपकरणों को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक असर अब मैदानी स्तर पर दिखाई देने लगा है। किसान अब खुद आगे बढ़कर इन नई तकनीकों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और उन्हें अपने खेतों में आजमा रहे हैं। ड्रोन फार्मिंग के सफल परिणामों को देखते हुए जिले के अन्य इलाकों के किसान भी इस तकनीक से जुड़ने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में कृषि आधुनिकीकरण की रफ्तार तेज हो गई है।
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