सिनेमाघरों में टिकटों पर नहीं लगेगा एसजीएसटी उत्तराखंड राज्य सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए यह स्पष्ट किया है कि हनुमान अंश नामक फिल्म को देखने वाले दर्शकों को अब टिकट खरीद पर राज्य वस्तु और सेवा कर यानी एसजीएसटी का भुगतान नहीं करना होगा। इस घोषणा के अंतर्गत राज्य के सभी सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स परिसरों को यह सुविधा प्रदान की गई है ताकि कला और संस्कृति से जुड़ी ऐसी कृतियां अधिक से अधिक जनमानस तक पहुंच सकें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए इस बड़े नीतिगत फैसले के तहत अब सिनेमाहॉल मालिकों को इस फिल्म के संदर्भ में वसूले जाने वाले कर की कुल राशि की सीधी भरपाई राज्य प्रशासन द्वारा की जाएगी। प्रशासनिक महकमे ने इस संदर्भ में वित्तीय प्रबंधन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है ताकि थिएटर संचालकों को किसी भी प्रकार की आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े और फिल्म प्रदर्शन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का सरकारी प्रयास इस प्रकार के निर्णयात्मक कदम उठाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय इतिहास, पौराणिक परंपराओं और आध्यात्मिक विषयों पर आधारित रचनात्मक कार्यों को वित्तीय संबल प्रदान करना है ताकि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध विरासत से भली-भांति परिचित हो सके। समकालीन समय में जब मनोरंजन उद्योग व्यावसायिकता की अंधी दौड़ में शामिल है, ऐसे में इस शैली की फिल्मों को करमुक्ति देना रचनात्मक स्वावलंबन और वैचारिक उत्थान के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है। देश के विभिन्न राज्यों में ऐतिहासिक गाथाओं और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत विषयों पर बनने वाली कलाकृतियों को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न प्रकार की रियायतें देने की परंपरा रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड सरकार ने भी पहल करते हुए इस विशेष चलचित्र को वित्तीय मोर्चे पर राहत देने का रास्ता चुना है ताकि निर्माताओं और वितरकों दोनों का उत्साहवर्धन हो सके और क्षेत्रीय स्तर पर भी सांस्कृतिक पुनर्जागरण को सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हो सके।
दर्शकों और फिल्म जगत में खुशी की लहर राज्य सरकार की इस घोषणा के बाद से ही चलचित्र जगत से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों और आम दर्शकों के बीच अत्यधिक उत्साह का माहौल देखा जा रहा है क्योंकि इससे टिकट दरों में कमी आने की पूरी संभावना है। जब किसी फिल्म को इस तरह के कर लाभ मिलते हैं, तो मध्यम वर्गीय परिवारों और युवाओं के लिए सिनेमाघरों तक पहुंचना आसान हो जाता है, जिससे बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन भी बेहतर होता है। आने वाले दिनों में इस तरह के सरकारी सहयोग से राज्य के भीतर रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे स्थानीय मनोरंजन बाजार को भी मजबूती मिलेगी। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस नीतिगत पहल के दूरगामी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और अन्य निर्माता भी ऐसे विषयों पर खुलकर निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे जो समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं।