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बड़ी उलझन: निर्देशक प्रियदर्शन ने कहा हेरा फेरी ने मेरी जिंदगी मुश्किल बना दी और मुझे कॉमेडी फिल्में बनाना पसंद नहीं है
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने अपने एक चौंकाने वाले बयान में कहा है कि उनकी प्रतिष्ठित फिल्म हेरा फेरी ने उनकी निजी और व्यावसायिक जिंदगी को काफी मुश्किल बना दिया है और उन्हें असल में कॉमेडी फिल्में बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
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Ankit Yadav
03 सित 2026, 11:06
भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बेहतरीन और यादगार फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले जाने-माने निर्देशक प्रियदर्शन ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है जिसने उनके चाहने वालों को हैरान कर दिया है। अपनी गंभीर और मनोरंजक कहानियों के लिए प्रसिद्ध इस फिल्मकार ने स्पष्ट तौर पर स्वीकार किया है कि उनकी बहुचर्चित कल्ट क्लासिक कॉमेडी फिल्म 'हेरा फेरी' ने उनके जीवन को काफी पेचीदा और कठिन बना दिया है। निर्देशक का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय फिल्म उद्योग में इस शैली की फिल्मों को और अधिक सराहा जाता है और दर्शक आज भी इस फ्रेंचाइजी के हर एक दृश्य को बड़े चाव से देखते हैं।
हास्य फिल्मों से दूरी की वजह
प्रियदर्शन ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान खुलकर अपनी प्राथमिकताओं और सिनेमैटिक दृष्टिकोण पर बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कॉमेडी विधा की फिल्में डायरेक्ट करना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। हालांकि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती और मध्य दौर में कई ऐसी हास्य फिल्में बनाईं जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुईं और दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ने में कामयाब रहीं, लेकिन इसके बावजूद निर्देशक का आंतरिक झुकाव किसी अन्य शैली की तरफ है। उनके इस बयान ने इंडस्ट्री के भीतर और बाहर एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि हर कोई यही मानता था कि कॉमेडी उनका सबसे मजबूत और पसंदीदा जॉनर है।
सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से ही 'हेरा फेरी' फिल्म ने भारतीय जनता के बीच एक अलग ही मुकाम हासिल किया है। इस फिल्म के संवाद, इसके किरदार और इसकी अनूठी परिस्थितियां आज भी मीम्स और रोजमर्रा की बातचीत का अहम हिस्सा बनी हुई हैं। निर्देशक की इस फिल्म के संवादों ने लोगों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया और इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बेहतरीन कॉमेडी फिल्मों में गिना जाता है। इसके बावजूद, फिल्म के मुख्य कर्ताधर्ता का यह कहना कि उन्हें ऐसी फिल्में बनाना पसंद नहीं है, एक बेहद दिलचस्प विरोधाभास पैदा करता है जो दर्शकों को आश्चर्यचकित करता है।
फिल्म निर्माण की दुनिया में कई बार ऐसा देखा गया है कि एक कलाकार या निर्देशक किसी खास शैली में इतनी जबरदस्त सफलता हासिल कर लेता है कि दर्शक उसे उसी दायरे में देखना चाहते हैं, भले ही उस कलाकार की अपनी पसंद कुछ और ही क्यों न हो। प्रियदर्शन के मामले में भी कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है। उन्होंने कई थ्रिलर, ड्रामा और गंभीर विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स भी किए हैं, लेकिन उनकी पहचान हमेशा एक उम्दा हास्य फिल्म निर्देशक के रूप में ही अधिक मजबूत रही है। उनके इस नए खुलासे के बाद अब उनके प्रशंसक और फिल्म समीक्षक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या आने वाले समय में वे केवल गंभीर सिनेमा पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे।
फिल्मी गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस तरह के बयानों का असर उनकी आने वाली परियोजनाओं पर पड़ेगा या नहीं। निर्देशक के इस दो टूक जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि वे अपनी कलात्मक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को लेकर कितने स्पष्टवादी हैं। चाहे उन्हें कॉमेडी फिल्में पसंद हों या न हों, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने सिनेमा जगत को जो हास्य का उपहार दिया है, वह आने वाली कई पीढ़ियों तक दर्शकों का मनोरंजन करता रहेगा और भारतीय फिल्म इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।