मशोबरा में एक महीने का प्रवास
वर्ष 2024 में मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर अपनी आने वाली फिल्म वनवास की शूटिंग के लिए शिमला पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मशोबरा को अपने काम का केंद्र बनाया था। वह अपनी पूरी फिल्म यूनिट के साथ मशोबरा के एक स्थानीय होटल में ठहरे हुए थे और करीब एक महीने तक उन्होंने यहीं से शूटिंग का काम संभाला था। पहाड़ों की शांत और सुंदर वादियों के बीच उन्होंने अपनी कला को तराशने का कार्य किया। शूटिंग के दौरान का यह समय स्थानीय लोगों और उनके प्रशंसकों के लिए काफी यादगार रहा था। नाना पाटेकर के इस लंबे प्रवास ने न केवल फिल्म की टीम को प्रभावित किया, बल्कि शिमला के स्थानीय वातावरण को भी सिने जगत के करीब ला खड़ा किया। वनवास फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने शिमला के प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद लिया और इस एक महीने के दौरान वह लगातार अपने काम में व्यस्त रहे।
पंचायती राज मंत्री से मुलाकात
शिमला प्रवास के दौरान नाना पाटेकर ने हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से भी मुलाकात की थी। यह शिष्टाचार भेंट फिल्म शूटिंग के व्यस्त कार्यक्रम के बीच हुई थी। स्थानीय रंगकर्मी और कलाकार संजय सूद ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अभिनेता के साथ अपनी एक पुरानी मुलाकात को याद करते हुए बताया कि उनका व्यक्तित्व बेहद सहज और असाधारण था। संजय सूद के अनुसार, नाना पाटेकर की अदाकारी में एक ऐसी सच्चाई और गहराई होती थी जो सीधे दर्शकों के दिल को छू लेती थी। वह अपने अभिनय को कभी भी केवल रटे-रटाए संवाद बोलने तक सीमित नहीं रखते थे, बल्कि वे पूरी संवेदना के साथ किरदार को जीते थे। ऐसे अनुभवी कलाकार की विदाई ने शिमला के कला जगत को स्तब्ध कर दिया है और स्थानीय कलाकार उनके द्वारा छोड़ी गई छाप को हमेशा याद रखेंगे।
शिमला से पुराना नाता
नाना पाटेकर का शिमला से जुड़ाव कोई नया नहीं था, क्योंकि वह 2000 के दशक से ही फिल्मों की शूटिंग के लिए लगातार इस शहर का रुख करते रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों की खूबसूरती और यहां का शांत वातावरण फिल्मकारों और कलाकारों को अपनी ओर हमेशा से आकर्षित करता आया है, और नाना पाटेकर भी इस आकर्षण से अछूते नहीं थे। उनका बार-बार शिमला आना यह दर्शाता है कि उन्हें यहां का माहौल काम करने के लिए कितना अनुकूल लगता था। फिल्म उद्योग के कई दिग्गज पहाड़ों की गोद में बसे इस शहर को शूटिंग के लिए प्राथमिकता देते हैं, और नाना पाटेकर इस कड़ी का एक अहम हिस्सा रहे। उनके निधन से एक युग का अंत हुआ है, लेकिन शिमला की गलियों और वहां के होटल में बिताए गए उनके दिन हमेशा एक सुखद स्मृति के रूप में बने रहेंगे। स्थानीय कलाकारों के लिए उनका मार्गदर्शन और अभिनय शैली हमेशा एक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।