चौथे दिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ी गिरावट
सिदार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की मुख्य भूमिका वाली फिल्म द व्वान की कमाई में बॉक्स ऑफिस पर चौथे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुरुआती तीन दिनों तक सामान्य प्रदर्शन करने के बाद इस फिल्म के कलेक्शन्स में सीधे तिरसठ प्रतिशत की कमी देखी गई है। फिल्म जगत से जुड़े जानकारों के अनुसार किसी भी फिल्म के लिए पहले सप्ताह के शुरुआती दिनों में इस तरह की तेज गिरावट चिंता का विषय बन जाती है। दर्शक थिएटर्स तक कम संख्या में पहुंच रहे हैं जिससे निर्माताओं की चिंताएं बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं। सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने वाले दर्शकों की संख्या में काफी कमी आई है। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। वीकेंड के बाद आए इन आंकड़ों ने फिल्म के निर्माताओं और वितरकों को हैरान कर दिया है।
फिल्म की कमाई के आंकड़े और प्रतिक्रियाएं
फिल्म द व्वान के इन नए आंकड़ों ने बॉक्स ऑफिस पर इसके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य कलाकारों के रूप में सिदार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया जैसे बड़े नाम होने के बावजूद फिल्म उम्मीद के मुताबिक कमाई करने में पिछड़ती जा रही है। शुरुआती दिनों में कुछ दर्शकों ने फिल्म को देखने के लिए टिकट खिड़की का रुख किया था लेकिन यह क्रेज ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाया। सोमवार या हफ्ते के शुरुआती कार्यदिवस पर आते ही कलेक्शन्स का ग्राफ बहुत तेजी से नीचे आ गिरा है। ट्रेड एनालिस्ट्स इस गिरावट के पीछे कमजोर वर्ड ऑफ माउथ और सिनेमाघरों में दूसरे विकल्पों की मौजूदगी को मुख्य कारण मान रहे हैं। फिल्म समीक्षकों ने भी इसके कंटेंट और कहानी को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं जिसका असर सीधे तौर पर टिकट खिड़की पर होने वाली टिकटों की बिक्री पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। निर्माताओं की तरफ से अभी तक इस बॉक्स ऑफिस गिरावट पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सिनेमाई पृष्ठभूमि और आगे की चुनौतियां
बॉलीवुड इंडस्ट्री में किसी भी फिल्म की सफलता और असफलता का मुख्य पैमाना उसका शुरुआती सप्ताह का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ही होता है। द व्वान जैसी बड़ी फिल्मों से निर्माताओं को हमेशा से ही काफी ज्यादा उम्मीदें जुड़ी रहती हैं क्योंकि इनमें भारी-भरकम बजट और लोकप्रिय कलाकारों का इस्तेमाल किया जाता है। जब ऐसी फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती हैं तो पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर इसका नकारात्मक असर पड़ने लगता है। सिनेमाघरों में फिल्मों का टिक पाना आजकल बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है क्योंकि दर्शक बहुत जल्दी ही नई फिल्मों को लेकर अपनी राय बना लेते हैं। आने वाले दिनों में इस फिल्म के लिए सिनेमाघरों में टिके रहना और अपनी लागत निकालना एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होने वाला है। ट्रेड पंडितों की मानें तो अगर आने वाले वीकेंड पर कलेक्शन्स में सुधार नहीं हुआ तो थिएटर्स से इस फिल्म को बहुत जल्दी ही हटा भी लिया जा सकता है। यह स्थिति कलाकारों के करियर और आगामी प्रोजेक्ट्स के लिहाज से भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।