पुनीत इस्सर ने जताई सिनेमाई चित्रण पर चिंता
अभिनेता पुनीत इस्सर ने हाल ही में रामायण और महाभारत से जुड़े स्टेज शो और फिल्मों के वर्तमान स्वरूप पर गंभीर चिंता प्रकट की है। उनका मानना है कि आजकल के नाटकों और प्रस्तुतियों में रावण जैसे नकारात्मक पात्रों को नायक के रूप में पेश करने का एक चलन बन गया है। इस दौरान भगवान राम के चरित्र को अक्सर एक मूक और निष्प्रभावी भूमिका में सीमित कर दिया जाता है, जो पौराणिक कथाओं की मूल भावना के विपरीत है। पुनीत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं रामायण और महाभारत पर आधारित कई नाटकों की रचना की है ताकि दर्शकों को राम के वास्तविक व्यक्तित्व और उनकी महानता से परिचित कराया जा सके। उन्होंने तर्क दिया कि जब रावण को नायक बनाकर पेश किया जाता है, तो भगवान राम की भूमिका गौण हो जाती है, जिससे राम का उचित चित्रण नहीं हो पाता है। उनका यह बयान फिल्म जगत में पौराणिक पात्रों के आधुनिक प्रस्तुतीकरण के प्रति चल रही बहस को नई दिशा देता है।
रणबीर कपूर और नितेश तिवारी पर जताया भरोसा
फिल्म रामायण में रणबीर कपूर के अभिनय को लेकर पुनीत इस्सर ने अपनी उत्सुकता और विश्वास जाहिर किया है। उनका कहना है कि रणबीर ने भगवान राम के किरदार को निभाने में निश्चित रूप से शानदार काम किया होगा और उन्हें इस फिल्म के मेकिंग विजन पर पूरा भरोसा है। पुनीत ने फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और उन्हें एक समझदार फिल्म निर्माता बताया। उन्होंने दर्शकों को सलाह दी कि वे फिल्म देखने से पहले ही पूर्वाग्रह न पालें और पहले पूरी फिल्म देखें, उसके बाद ही अपनी राय बनाएं। पुनीत ने स्पष्ट किया कि किसी भी फिल्म की सफलता उसके कंटेंट की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांतारा और हनुमान अंश जैसी फिल्मों को दर्शकों ने इसलिए पसंद किया क्योंकि उनका कंटेंट बेहतरीन था, जबकि आदिपुरुष जैसी फिल्में अपनी कमजोर गुणवत्ता के कारण दर्शकों को प्रभावित करने में विफल रहीं। उनका मानना है कि अच्छी फिल्म हमेशा सफल होती है।
पौराणिक प्रस्तुतियों में बदलाव की आवश्यकता
रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों के मंचन में बदलती प्रवृत्ति पर बोलते हुए पुनीत इस्सर ने बताया कि समाज में विलेन को हीरो बनाने का जो दौर शुरू हुआ था, उसने पौराणिक कथाओं के प्रति लोगों की धारणा को प्रभावित किया है। उन्होंने जोर दिया कि यदि राम को नायक के रूप में दिखाना है, तो उनके वास्तविक व्यक्तित्व की महानता को भी स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य है। रणबीर कपूर स्टारर रामायण की रिलीज से पहले, फिल्म के ग्राफिक्स, कास्टिंग और प्रस्तुति को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं और जजमेंट फैल रहे हैं। इन तमाम आलोचनाओं के बीच, एक अनुभवी कलाकार के रूप में पुनीत इस्सर का यह समर्थन फिल्म निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि नितेश तिवारी अपनी फिल्म के माध्यम से राम के चरित्र को सही न्याय देंगे। यह बहस केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी केंद्रित है कि भारतीय पौराणिक पात्रों को आने वाली पीढ़ी के सामने किस तरह से पेश किया जाना चाहिए।