कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
EC के अफसर पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: RTI से खुलासा- दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकाय...      Bihar MLC Election 2026 Live: जन सुराज के प्रत्याशी आफाक अहमद पर FIR दर्ज, X पर पोस्ट कर शिक्षकों से वोट मांगना पड़ा भारी      गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?      तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी      CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?      गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...      Tiger Shroff की चोटों का वीडियो पहली बार आया सामने, फायरिंग के बाद दिखे शरीर पर निशान      कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
बॉलीवुड

सिनेमा में देशभक्ति के रंग: लगान से लेकर उरी तक की अविस्मरणीय गाथाएं

स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर भारतीय सिनेमा की उन दस उत्कृष्ट फिल्मों पर एक नजर जो राष्ट्र के प्रति समर्पण और अदम्य साहस की नई परिभाषा लिखती हैं।

X
Kantap News डेस्क
16 अग 2026, 18:33
सिनेमा में देशभक्ति के रंग: लगान से लेकर उरी तक की अविस्मरणीय गाथाएं
भारतीय फिल्म उद्योग ने समय-समय पर ऐसी कई शानदार फिल्में बनाई हैं जो दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की लौ को हमेशा प्रज्वलित रखती हैं। लगान के जरिए जहां एक तरफ औपनिवेशिक शासन के खिलाफ आम किसानों के सामूहिक संघर्ष को बहुत ही खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया, वहीं उरी जैसी फिल्मों ने आधुनिक भारत की सामरिक ताकत और उसके सैनिकों के पराक्रमी फैसलों को दुनिया के सामने रखा। इन सभी फिल्मों की पटकथा और निर्देशन में वह जादू है जो आज भी देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देता है। राष्ट्रीय पर्वों के समय इन फिल्मों की लोकप्रियता और अधिक बढ़ जाती है।

बदलता सिनेमा और देशभक्ति का नया स्वरूप

पिछले कुछ दशकों में फिल्मों में देशभक्ति को दिखाने के अंदाज में काफी बदलाव आया है। अब केवल नारों तक सीमित रहने के बजाय कहानियों में यथार्थवाद और रणनीतिक गहराई को ज्यादा महत्व दिया जाने लगा है। दर्शक भी अब ऐसी कहानियों को पसंद कर रहे हैं जिनमें तर्क और जज्बे का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। निर्देशकों ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची देशभक्ति को परदे पर उतारने के लिए भव्य सेट के साथ-साथ मजबूत पटकथा का होना भी उतना ही जरूरी है।

युवाओं पर सिनेमा का गहरा प्रभाव

आज की युवा पीढ़ी इन फिल्मों के माध्यम से अपने देश के इतिहास और वर्तमान चुनौतियों को बहुत ही आसानी से समझ पा रही है। जब बड़े पर्दे पर राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाया जाता है, तो उसका सीधा असर दर्शकों की सोच पर पड़ता है। स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष मौके पर इन फिल्मों का पुनरावलोकन करना इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय सिनेमा हमेशा से राष्ट्र निर्माण के इस पवित्र यज्ञ में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज