कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

आर्थिक छलांग: निर्मला सीतारमण के अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक हो सकती है विकास दर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की आर्थिक वृद्धि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत आने वाले समय में 10 प्रतिशत से अधिक की रफ्तार से विकास करने की पूरी क्षमता रखता है।

A
Ankit Yadav
27 सित 2026, 17:43
आर्थिक छलांग: निर्मला सीतारमण के अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक हो सकती है विकास दर

अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में देश की आर्थिक प्रगति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उत्साहजनक बयान दिया है जिसमें उन्होंने देश के वित्तीय भविष्य को लेकर अपनी बात रखी। उनके अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था में इतनी मजबूत क्षमता और आंतरिक ताकत मौजूद है कि यह आने वाले समय में 10 प्रतिशत से भी अधिक की वार्षिक रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। इस दिशा में सरकार लगातार ऐसे नीतिगत कदम उठा रही है जो उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ साथ निवेश के नए रास्ते खोलने का काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश के भीतर विनिर्माण क्षेत्र से लेकर सेवा क्षेत्र तक हर जगह विकास की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं जिन्हें सही दिशा और सहयोग मिलने पर दोहरे अंकों की वृद्धि दर हासिल करना पूरी तरह से संभव हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है लेकिन भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति काफी मजबूत और स्थिर नजर आ रही है।

तेज विकास दर हासिल करने के लिए नीतिगत रणनीतियां किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को दोहरे अंकों की यानी 10 प्रतिशत से अधिक की तीव्र गति से आगे बढ़ाने के लिए कई प्रकार के गंभीर और दूरदर्शी प्रयासों की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के विकास पर भारी भरकम पूंजीगत व्यय करना निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देना और लालफीताशाही को कम करना इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा वित्तीय समावेशन को मजबूत करना डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार करना और रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देना भी इस पूरी रणनीति का मुख्य हिस्सा होते हैं। सरकारें अक्सर कर प्रणाली को सरल बनाने और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार की सहूलियतें प्रदान करती हैं ताकि देश के भीतर उत्पादन लागत कम हो सके और वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें। देश का केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय मिलकर ऐसे मौद्रिक और राजकोषीय उपाय करते हैं जिनसे बाजार में तरलता बनी रहे और मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहे ताकि आम नागरिकों की क्रय शक्ति पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े और समग्र मांग लगातार बनी रहे।

भविष्य की संभावनाएं और आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव यदि भारत वास्तव में 10 प्रतिशत या उससे अधिक की वार्षिक विकास दर को छूने में सफल हो जाता है तो इसका देश के प्रत्येक नागरिक और विभिन्न उद्योगों पर बेहद सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। इससे देश के भीतर रोजगार के करोड़ों नए अवसरों का सृजन होगा जिससे युवाओं के लिए बेहतर आजीविका के रास्ते खुलेंगे और प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही सरकार के पास स्वास्थ्य शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे जिससे देश के सबसे कमजोर और पिछड़े वर्गों का तेजी से उत्थान हो सकेगा। देश के वित्तीय बाजारों को भी इस भारी-भरकम वृद्धि से जबरदस्त बल मिलेगा और वैश्विक निवेशकों का भारत के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत होगा। हालांकि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश को ऊर्जा सुरक्षा नवाचार और कौशल विकास जैसे मोर्चों पर लगातार सतर्क और सक्रिय रहना होगा ताकि भविष्य में आने वाली किसी भी वैश्विक चुनौती का डटकर मुकाबला किया जा सके और आर्थिक रथ बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता रहे।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज