दशहरा पर्व पर आज शेयर बाजार में कारोबार बंद
भारतीय शेयर बाजार में दशहरे के शुभ अवसर पर आज मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को नियमित गतिविधियां पूरी तरह बंद रखी गई हैं। देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में आज किसी भी प्रकार के शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं की जा रही है। मुख्य इक्विटी बाजार के साथ-साथ डेरिवेटिव सेगमेंट और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग यानी एसएलबी सेगमेंट में भी आज कारोबार पूरी तरह बंद है। निवेशकों और कारोबारियों को इस बात की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी ताकि वे अपने सौदों को उसी के अनुसार व्यवस्थित कर सकें। एक दिन के इस अवकाश के बाद कल यानी बुधवार, 21 अक्टूबर से बाजार में कामकाज सामान्य रूप से फिर से शुरू हो जाएगा। हालांकि, कमोडिटी बाजार में स्थिति थोड़ी अलग है और वहां पूरी तरह से कारोबार बंद नहीं रहेगा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह का कारोबारी सत्र बंद रखा गया है, लेकिन शाम के पांच बजे से वहां नियमित रूप से कारोबार शुरू हो जाएगा जिससे कमोडिटी निवेशकों को राहत मिलेगी। अक्टूबर महीने के दौरान शेयर बाजार के छुट्टियों के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार यह दूसरी और अंतिम निर्धारित छुट्टी है। इससे पहले महीने की शुरुआत में दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर भी बाजार बंद रहा था और अब इस पूरे महीने में कोई अन्य त्योहार संबंधी छुट्टी नहीं बचेगी।
पिछले सत्र में भारी बिकवाली से फिसले थे सूचकांक
दशहरे के इस अवकाश से ठीक पहले बीते सत्र यानी सोमवार, 19 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला था। उस कारोबारी दिन देश के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक फीसदी से अधिक की भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 876 अंकों यानी 1.17 फीसदी की बड़ी टूट के साथ 73,780 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक 257 अंकों यानी 1.11 फीसदी फिसलकर 22,888.95 के स्तर पर जा पहुंचा था। कारोबार के दौरान तो दोनों ही मुख्य सूचकांकों में 1.3 फीसदी से भी ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार में बिकवाली का यह रुख केवल बड़ी कंपनियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मझोली यानी मिडकैप और छोटी यानी स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 1.09 फीसदी नीचे गिरकर बंद हुआ था। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण यह स्थिति बनी। इसके अलावा निजी बैंकों और सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी कंपनियों के शेयरों में हुई भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था। उन्होंने बताया कि इस चौतरफा बिकवाली के कारण पिछले कुछ दिनों में बाजार ने जो हल्की रिकवरी दिखाई थी वह भी काफी हद तक कमजोर पड़ गई थी।
आगामी त्योहारों पर छुट्टियों का पूरा शेड्यूल
अक्टूबर महीने में दशहरे की छुट्टी पूरी होने के बाद साल 2026 में शेयर बाजार के लिए तीन और छुट्टियां तय की गई हैं। अगले महीने यानी नवंबर की शुरुआत में दिवाली और बालिप्रतिपदा के पावन अवसर पर 10 नवंबर को शेयर बाजार में कोई कारोबार नहीं होगा। इसके बाद इसी महीने की 24 तारीख को प्रकाश गुरुपर्व के मौके पर भी बाजार में अवकाश रहेगा और निवेशक ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर की 25 तारीख को क्रिसमस के पावन पर्व के कारण शेयर बाजार एक बार फिर बंद रहेगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि छुट्टियों के इन दिनों से निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने का पूरा मौका मिलता है। दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव का असर भी भारतीय बाजार पर लगातार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से रूस से जुड़ी कुछ प्रमुख पाबंदियों में हाल ही में छूट दिए जाने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि इससे वैश्विक बाजार में रूस से ईंधन की आपूर्ति और बढ़ने की उम्मीद बंध गई है। हालांकि इसके बावजूद दुनिया भर में चल रहे विभिन्न भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं जो बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है।