वाहनों की मांग और डिलीवरी
त्योहारी बाजार की शुरुआत के साथ ही आगरा जिले में बड़े पैमाने पर वाहनों की बुकिंग और डिलीवरी का सिलसिला शुरू हो चुका है। विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के चार पहिया और दो पहिया वाहनों की मांग बाजार में सबसे ऊपर बनी हुई है। ग्राहकों की पसंद में टाटा मोटर्स की टिआगो, नेक्सान और पंच जैसी गाड़ियां सबसे आगे चल रही हैं। इसके अलावा मारुति सुजुकी की ब्रीजा टर्बो पेट्रोल और सीएनजी संस्करण वाले मॉडलों पर ग्राहकों को पंद्रह से बीस दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। एसयूवी श्रेणी के तहत पंद्रह सौ सीसी की ब्रीजा और विक्टोरिस के लिए भी बाजार में अच्छी खासी मांग दर्ज की जा रही है। केवल चार पहिया ही नहीं बल्कि दो पहिया वाहनों के मोर्चे पर भी खरीदार खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। दशहरा के खास दिन पर शहरभर में लगभग ढाई हजार दो पहिया वाहनों की चाबियां ग्राहकों को सौंपी जाएंगी। दो पहिया बाजार में हीरो, होंडा, टीवीएस, यामाहा और रायल इन्फील्ड के पारंपरिक इंजनों के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की भी खासी पूछपरख बनी हुई है। हीरो ब्रांड की एचएम डीलक्स और स्पलेंडर तथा होंडा की एसपी-125, शाइन-125 और शाइन डीलक्स युवाओं के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं। बजाज की पल्सर एन160 और पल्सर 220एफ जैसे मॉडल भी खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। टीवीएस कंपनी की एक सौ दस सीसी वाली जुपिटर-113 और अपाचे बाइक इस समय सबसे ज्यादा बिकने वाले दोपहिया वाहनों की सूची में शीर्ष पर बनी हुई हैं।
सराफा बाजार और आभूषणों का रुख
ऑटोमोबाइल के साथ-साथ आभूषण बाजार में भी इस त्योहारी सीजन में विशेष तैयारियां देखने को मिल रही हैं। सराफा कारोबारियों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए बाजार में नए डिजाइनों के हल्के वजन वाले आभूषण उतारे हैं। सोने की कीमतों में तेजी का रुख बने रहने के कारण खरीदार नौ, चौदह और अठारह कैरेट वाली ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। युवा वर्ग अपनी जीवनशैली और फैशन के अनुकूल हीरे और रंगीन रत्नों से जड़े हुए गहनों का चयन कर रहा है। ग्राहकों की जेब का ख्याल रखते हुए सराफा व्यापारियों की ओर से मेकिंग चार्ज यानी निर्माण शुल्क पर बीस से इक्यावन प्रतिशत तक की भारी छूट दी जा रही है। खरीदारी को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए दुकानदारों द्वारा आकर्षक उपहारों के साथ-साथ लकी ड्रॉ जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। बाजार में सोने, चांदी और हीरे के विक्रेताओं को उम्मीद है कि इस त्योहारी सीजन में कुल सात सौ करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त व्यापार देखने को मिलेगा। स्थानीय दुकानदारों और शोरूम संचालकों ने ग्राहकों की भीड़ को संभालने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। आभूषणों की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों का पहुंचना शुरू हो गया है और हल्के गहनों के नए पैटर्न ग्राहकों को खूब भा रहे हैं। व्यापारी वर्ग इस पूरी अवधि में बेहतरीन कारोबार होने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहा है।
परिवारों का बजट और खरीदारी का पैटर्न
एक हालिया सर्वेक्षण के आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि इस त्योहारी सीजन में शहर के विभिन्न परिवार किस तरह से अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करने की योजना बना रहे हैं। सर्वे के मुताबिक अठारह प्रतिशत परिवार ऐसे हैं जो बाजार में दस हजार रुपये से कम राशि खर्च करने का इरादा रखते हैं। इसके अलावा तीस प्रतिशत परिवार दस हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक के दायरे में खरीदारी करेंगे। वहीं नौ प्रतिशत परिवार ऐसे भी हैं जो एक लाख रुपये से अधिक की बड़ी राशि त्योहारी सामान पर खर्च करेंगे। परिवारों की प्राथमिकताओं को देखें तो बहत्तर प्रतिशत लोगों की खरीदारी में कपड़े, जूते और अन्य फैशन उत्पाद सबसे आगे रहने वाले हैं। इसके उलट दस प्रतिशत लोग वाहनों की खरीद पर अपना पैसा लगाएंगे जबकि छह प्रतिशत परिवारों का मुख्य जोर आभूषण खरीदने पर रहेगा। इसके अलावा त्योहारी छुट्टियों के दौरान घूमने-फिरने और यात्राओं पर होने वाला खर्च भी काफी हद तक बढ़ने की उम्मीद है। लोग परिवार के साथ बाहर जाने की योजना बना रहे हैं जिससे पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को भी बढ़ावा मिल रहा है।