बाजार में छोटे सिक्कों का बढ़ता आकर्षण
मेरठ के स्थानीय सराफा बाजार में इन दिनों खरीदारी की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। त्योहारों के मौसम और बढ़ती कीमतों के दबाव में ग्राहक अब पारंपरिक भारी गहनों के स्थान पर छोटे चांदी के सिक्कों और सूक्ष्म आभूषणों को चुन रहे हैं। यह नया चलन ग्राहकों के लिए बजट के अनुकूल साबित हो रहा है। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रमुख प्रदीप अग्रवाल के अनुसार, शादियों या किसी भी शुभ उत्सव में आमतौर पर लोग 501 या 1100 रुपये तक का शगुन देते हैं। इतने सीमित बजट में अब लोग चांदी के एक या पांच ग्राम के सिक्कों को तोहफे में देना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इन सिक्कों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि भविष्य में इनकी कीमत हमेशा बढ़ती ही रहती है। ये सुंदर दिखने वाले सिक्के कारीगरों द्वारा बेहद सावधानी से तैयार किए गए हैं। ऐसे उपहार न केवल किफायती हैं बल्कि इन्हें खरीदना हर किसी के लिए आसान हो गया है।
कीमती धातुओं के मौजूदा भाव और व्यापार
शहर में शनिवार को सोने और चांदी की दरों में आए उछाल ने ग्राहकों को अपनी खरीद नीति बदलने पर मजबूर किया है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, चांदी का भाव शनिवार को 2.14 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया था, जबकि सोने का मूल्य 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इन ऊंची कीमतों के बावजूद, बाजार में सक्रिय 200 से अधिक थोक चांदी कारोबारियों को इस त्योहारी सीजन में बड़े कारोबार की उम्मीद है। अनुमान के मुताबिक, मेरठ में चांदी के व्यापार का कुल आंकड़ा 400 करोड़ रुपये तक जा सकता है। एक ग्राम के साधारण चांदी के सिक्के की बात करें तो इसकी कीमत 370 रुपये तय है, जिसमें 40 रुपये का मेकिंग चार्ज शामिल है। यह किफायती मेकिंग चार्ज ग्राहकों को अधिक आकर्षित करता है और उन्हें चांदी की पूरी कीमत का लाभ मिलता है, जिससे बाजार में लेनदेन का प्रवाह लगातार बना हुआ है।
करवा चौथ पर हल्की आभूषणों की मांग
करवा चौथ जैसे पर्व पर महिलाओं की पसंद में भी बड़ा बदलाव आया है, जहां भारी पायल और अन्य आभूषणों के स्थान पर अब हल्की पायल और बिछुए अधिक पसंद किए जा रहे हैं। कारोबारियों का मानना है कि महंगाई के इस दौर में सफलता का नया मंत्र वजन घटाने, मेकिंग चार्ज कम रखने और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में निहित है। जब लोग भारी कीमती आभूषण खरीदने में असमर्थ होते हैं, तब ये हल्के विकल्प बाजार को नई गति प्रदान करते हैं। यह रणनीति न केवल आम खरीदार की जेब पर कम बोझ डालती है, बल्कि उन्हें त्योहारी उत्सव में शामिल होने की सुविधा भी देती है। मेरठ के कारीगरों द्वारा निर्मित इन हल्की पायल और अन्य बारीक गहनों की मांग में इजाफा हुआ है। भविष्य में भी कम वजन और कम मेकिंग चार्ज वाले गहनों की यह प्रवृत्ति बाजार में व्यापार को बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य तरीका बन गई है।