चांदी के आभूषणों की बाजार में बढ़ती पैठ
भारतीय ज्वेलरी उद्योग में चांदी की भूमिका अब केवल उपहार देने या पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं रह गई है। सोने के दाम लगातार ऊंचे बने रहने के कारण ग्राहक अब फैशन ज्वेलरी और रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चांदी की वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बदलते चलन को देखते हुए कई नामी ज्वेलरी ब्रांड अपनी उत्पाद श्रृंखला का विस्तार कर रहे हैं। कुशल्स जैसी कंपनियों ने चांदी के गहनों के लिए एनेरा के नाम से एक अलग ब्रांड की शुरुआत की है, जिसका पहला स्टोर 26 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में खोला गया। मिया बाय तनिष्क और जीवा जैसे अन्य बड़े ब्रांड भी अब चांदी को फैशन के साथ जोड़कर पेश कर रहे हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद ने बाजार में चांदी को एक सस्ते विकल्प से ऊपर उठाकर एक ट्रेंडी और स्टाइलिश श्रेणी में स्थापित कर दिया है, जिससे बड़ी कंपनियों का ध्यान इस क्षेत्र में तेजी से आकर्षित हो रहा है।
कुशल्स और अन्य ब्रांडों की विस्तार योजनाएं
ज्वेलरी ब्रांड कुशल्स के संस्थापक कल्पेश गुलेच्छा के अनुसार, पिछले चार से पांच वर्षों के दौरान कंपनी के कुल राजस्व में चांदी की भागीदारी 2 से 3 प्रतिशत से बढ़कर 15 से 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसी उल्लेखनीय वृद्धि के कारण कंपनी ने अपने नए ब्रांड एनेरा के जरिए चांदी के व्यापार को विस्तार देने का निर्णय लिया है। कंपनी ने पहले वर्ष में एनेरा से 25 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया है और आने वाले पांच वर्षों में कुल 100 से 150 स्टोर खोलने की योजना है। इसके अतिरिक्त बेंगलुरु, हैदराबाद, कोयंबटूर और विजयवाड़ा में कुल 6 नए आउटलेट खोलने की तैयारी चल रही है। साथ ही, मिया बाय तनिष्क ने भी अपनी चांदी की रेंज में एक साल के भीतर 350 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है। जीवा जैसे ऑनलाइन ब्रांड भी 925 स्टर्लिंग सिल्वर में ब्रेसलेट, चेन, नेकलेस और पेंडेंट की एक विस्तृत श्रृंखला ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं।
कीमतों का असर और भविष्य के बाजार रुझान
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को कम वजन और कम कैरेट वाली ज्वेलरी की ओर मोड़ने पर मजबूर किया है। इस फेस्टिव सीजन में ज्वेलर्स का मुख्य फोकस चांदी पर है, ताकि वे उन ग्राहकों को लुभा सकें जो सोने की महंगी कीमतों के कारण गहने खरीदने से हिचकिचा रहे हैं। चांदी केवल बजट विकल्प नहीं है, बल्कि नए डिजाइन और फैशन के मेल से इसे दैनिक पहनने योग्य ज्वेलरी के तौर पर विकसित किया जा रहा है। ब्रांड्स अब चांदी को शादियों और त्योहारों के अतिरिक्त साधारण अवसरों पर पहनने लायक गहनों के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। चांदी के प्रति बढ़ती यह रुचि न केवल सोने की कीमतों के कारण है, बल्कि ग्राहकों की बदलती जीवनशैली और ट्रेंडी डिजाइनों की उपलब्धता का भी परिणाम है। आने वाले समय में चांदी के आभूषण बाजार की अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख स्तंभ बनने की ओर अग्रसर हैं।