अंतरराष्ट्रीय फुटवियर फेयर का आगाज
ताजमहल की नगरी आगरा में शनिवार से 18वें अंतरराष्ट्रीय फुटवियर फेयर 'मीट एट आगरा-2026' की शुरुआत हो रही है। सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 3 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक चलेगा। इस प्रदर्शनी में दुनिया भर के लगभग 250 एग्जिबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं जो अपने उत्पादों, कंपोनेंट्स, मटीरियल्स और आधुनिक मशीनरी का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य 'डिस्कवर, क्रिएट, कनेक्ट और ग्रो' थीम के जरिए फुटवियर उद्योग को नई दिशा प्रदान करना है। फेयर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। पहले दिन शनिवार को औपचारिक उद्घाटन सुबह 11 बजे किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव और यूपी स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। यह आयोजन आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर यानी एफमेक की ओर से संचालित किया जा रहा है।
चीन पवेलियन और कारोबारी संवाद
इस वर्ष के फुटवियर फेयर का सबसे बड़ा आकर्षण हॉल-बी में बनाया गया चाइना पवेलियन है, जहां चीन के आठ प्रमुख एग्जिबिटर्स अपनी नवीनतम तकनीक और उत्पादों के साथ मौजूद रहेंगे। एफमेक के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन एएस राणा ने बताया कि इससे भारतीय कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और उत्पादों को करीब से समझने और नए व्यावसायिक संबंध बनाने का अवसर मिलेगा। आयोजन को केवल प्रदर्शन तक सीमित न रखकर इसे संवाद का जरिया बनाया गया है। इसके तहत 4 अक्टूबर को फैक्ट्री मालिकों और बाइंग एजेंट्स के बीच उत्पाद विकास और बाजार की जरूरतों पर चर्चा होगी। वहीं 5 अक्टूबर को मीडिया ब्रीफिंग और एग्जिबिटर्स सम्मान समारोह का कार्यक्रम रखा गया है। एफमेक के महासचिव प्रदीप वासन के मुताबिक, आयोजन स्थल पर डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी गई है और फीडबैक के लिए क्यूआर कोड का उपयोग किया जाएगा। राजीव वासन और राजेश सहगल जैसे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में गुणवत्ता और लागत नियंत्रण को सबसे महत्वपूर्ण बताया है।
उद्योग का विस्तार और भविष्य की राह
वर्ल्ड फुटवियर ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वर्ष 2025 में लगभग 300 करोड़ जोड़ी फुटवियर का उत्पादन किया था। यह वैश्विक हिस्सेदारी का 12.2 प्रतिशत हिस्सा है, जिससे भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है। देश के भीतर ही करीब 280 करोड़ जोड़ी फुटवियर की खपत दर्ज की गई है। एफमेक अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि पिछले 18 वर्षों से 'मीट एट आगरा' तकनीकी संवाद और व्यापार का एक प्रमुख मंच बना हुआ है। उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का उपयोग आगामी सीजन के लिए अपने उत्पादों को आधुनिक बनाने में करें। डीसीएफएलआई के चेयरमैन पूरन डावर के अनुसार, भारत की विशाल उत्पादन क्षमता और घरेलू बाजार इस उद्योग की असली ताकत हैं। अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, कौशल विकास और उन्नत डिजाइनों को अपनाकर भारतीय फुटवियर निर्माता वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी और प्रतिस्पर्धात्मकता को और भी मजबूती से बढ़ा सकते हैं।