दोनों चुनाव आयुक्तों ने सीनियर ऑफिसर के खिलाफ शिकायत की, कैबिनेट सचिव को लिखी चिट्ठी-RTI में खुलासा
Bihar MLC Election 2026 Live: वोटिंग के बीच मोकामा में बवाल, अनुज सिंह और नीरज सिंह के समर्थक भिड़े
आजम खान से केवल इसलिए मिलना चाहते थे अखिलेश? AIMIM के वारिस पठान ने किया ये दावा
तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी
गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?
सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
सौरभ दास ने बाहर आते ही किया कांड, नहीं मानी पुलिस की बात; रांका भी घिरे, Ncr Hindi News
देश के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट में सॉफ्टवेयर हटाए: नई रूसी हार्डवेयर तकनीक का इस्तेमाल होगा; 10 साल मे ...
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
किराए के मकानों से मोहभंग: भारतीयों की पहली पसंद बना 'अपना घर', जानिए क्या हैं इसके पीछे के बड़े कारण
भारत में रियल एस्टेट बाजार को लेकर लोगों की प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताजा रुझानों के अनुसार, बड़ी संख्या में देशवासी आने वाले कुछ वर्षों में प्रॉपर्टी में निवेश करने के इच्छुक हैं।
A
Ankit Yadav
26 अग 2026, 11:07
भारतीय समाज में हमेशा से ही अपने खुद के घर का सपना देखना और उसे पूरा करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना जाता रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान आर्थिक परिस्थितियों, शहरीकरण के बढ़ते दायरे और जीवन शैली में आए बदलावों के कारण लोगों की प्राथमिकताओं में काफी फेरबदल हुआ है। ताजा आंकड़ों और बाजार के रुझानों से यह बात खुलकर सामने आई है कि आज के दौर में संपत्ति खरीदना आम जनता के लिए सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार हो चुका है। देश के भीतर संपत्ति बाजार को लेकर किए गए विश्लेषण बताते हैं कि आम नागरिकों का अब किराए के मकानों से मोहभंग होने लगा है और वे स्थायी तौर पर अपनी खुद की छत हासिल करने को प्राथमिकता दे रहे हैं.
बदलती सामाजिक प्राथमिकताएं
देश के भीतर हुए एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, करीब 31 प्रतिशत भारतीय नागरिकों ने यह इच्छा जताई है कि वे आगामी पांच वर्षों के भीतर अपना खुद का आशियाना खरीदना चाहते हैं। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि लोगों के भीतर दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा और स्थिरता की भावना तेजी से मजबूत हो रही है। महामारी के बाद के दौर से ही लोगों ने यह महसूस करना शुरू कर दिया था कि एक स्थिर आवास होना कितना जरूरी है। किराए के मकान में रहने के मुकाबले खुद की संपत्ति होना मानसिक शांति के साथ-साथ भविष्य के लिए एक सुरक्षित निवेश भी साबित होता है। यही कारण है कि युवा पीढ़ी से लेकर स्थापित परिवारों तक, हर कोई अपनी बचत को सही दिशा में लगाने के लिए रियल एस्टेट को सबसे बेहतर माध्यम मान रहा है.
इस बदलते हुए रुझान के पीछे कई प्रमुख कारण काम कर रहे हैं, जिनमें होम लोन की उपलब्धता, रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और आधुनिक सुविधाओं से लैस हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का विकास शामिल हैं। आज के समय में देश के विभिन्न महानगरों के अलावा टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी प्रॉपर्टी की मांग में भारी इजाफा देखा जा रहा है। डेवलपर्स भी ग्राहकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे आवासीय प्रोजेक्ट्स तैयार कर रहे हैं जो आधुनिक लाइफस्टाइल के अनुकूल हों। लोगों की क्रय शक्ति में सुधार और वित्तीय संस्थानों द्वारा आसान शर्तों पर कर्ज उपलब्ध कराए जाने से भी इस प्रवृत्ति को काफी बढ़ावा मिला है। आने वाले समय में यह माना जा रहा है कि संपत्ति बाजार में यह सकारात्मक रुख और अधिक गति पकड़ेगा, जिससे निर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक स्थिरता का यह माहौल बना रहा और ब्याज दरों में अनुकूल स्थिति रही, तो आने वाले कुछ वर्षों में घर खरीदने वालों की संख्या में और भी अधिक वृद्धि दर्ज की जा सकती है। यह न केवल रियल एस्टेट कारोबार के लिए बल्कि देश की समग्र अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी एक बहुत ही उत्साहजनक संकेत है। लोगों का अपनी संपत्ति में निवेश करना इस बात का प्रतीक है कि वे देश के भविष्य और विकास में गहरी आस्था रखते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और रियल एस्टेट डेवलपर्स मिलकर इस बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए किस प्रकार की नई योजनाएं और रियायतें लेकर आते हैं, जिससे आम आदमी का घर खरीदने का यह सपना और अधिक आसानी से पूरा हो सके।