कंटाप
NEWS
बुधवार, 9 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: जवाब में ईरान ने जॉर्डन में US बेस पर 20 मिसाइलें दागीं; इससे पहले अमेर...      चलाओ बुलडोजर; दिल्ली में CM रेखा गुप्ता का बड़े ऐक्शन का आदेश, कई इलाकों में होगी तोड़फोड़      संजय राउत ने कहा, 'विदेश जाकर मुस्लिम लीडर से गले मिलते हैं, यहां गरबा में मुसलमानों को रोका जा रहा'      BRICS पर क्यों ट्रंप की नजर, ईरान ने कैसे बढ़ाई बेचैनी, अमेरिका क्यों परेशान, भारत के आगे क्या चुनौती?      नौकर से करती थी चैट, कानपुर की करोड़पति बहू की कहानी में ट्विस्ट      CJP प्रोटेस्ट: नोटिस पर CJI नाराज, पूछा- मजिस्ट्रेट कैसे जारी कर सकते हैं      'अपने CM को देखें पहले...', वंदे मातरम पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सिद्धारमैया-रेवंत रेड्डी का वीडियो दिखा कांग्रेस को घेरा      ओडिशा के बालासोर जंगल में मिले ओरंगुटान के 5 बच्चे, इंडोनेशिया और मलेशिया से 4000 किमी दूर कैसे आए भारत?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

कृषि नियोजन में बदलाव: झारखंड में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, शिल्पी का बयान

झारखंड में कृषि क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन को लेकर एक नया दृष्टिकोण सामने आया है, जिससे राज्य के किसानों और युवाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

A
Ankit Yadav
09 सित 2026, 11:41
कृषि नियोजन में बदलाव: झारखंड में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, शिल्पी का बयान
झारखंड राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घोषणा सामने आई है, जिससे आने वाले समय में रोजगार के नए और बेहतर अवसर सृजित होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हाल ही में इस विषय पर चर्चा करते हुए शिल्पी ने स्पष्ट किया कि राज्य की कृषि प्रणाली और नियोजन नीति को एक बिल्कुल नई दिशा दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और खेती से जुड़े कार्यों में आधुनिकता तथा पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, ताकि पारंपरिक तरीकों से हटकर युवाओं को कृषि आधारित उद्योगों की ओर आकर्षित किया जा सके।

कृषि और रोजगार का नया मॉडल

राज्य में लंबे समय से कृषि क्षेत्र को संगठित करने और इसमें रोजगार की संभावनाओं को तलाशने की मांग की जाती रही है। झारखंड की भौगोलिक स्थिति और यहां की मिट्टी की उर्वरता को ध्यान में रखते हुए, कृषि नियोजन को नए आयाम देने की यह पहल काफी समय से अपेक्षित थी। इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण और कृषि प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी नए युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को जमीनी स्तर पर सही ढंग से लागू किया जाए, तो यह राज्य के समग्र विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। स्थानीय स्तर पर इस घोषणा के बाद से किसानों और ग्रामीण युवाओं में एक नई उम्मीद की किरण जग गई है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, जैविक खेती और बागवानी को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन पर भी रोक लगाई जा सकेगी। कृषि नियोजन में इस बदलाव से आपूर्ति श्रृंखला और बाजार तक किसानों की पहुंच को भी आसान बनाने की बात कही जा रही है, जिससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके। आने वाले दिनों में इस योजना की रूपरेखा और इसके क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन द्वारा और अधिक विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की उम्मीद है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और कृषि विशेषज्ञों ने भी इस दिशा में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और उम्मीद जताई है कि इससे राज्य के कृषि परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों का मुख्य जोर यही है कि ग्रामीण इलाकों में आर्थिक स्थिरता लाई जाए और कृषि को लाभ का सौदा बनाया जाए।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज