सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?
गलवान जैसी हिमाकत के लिए अब 100 बार सोचेगा चीन? ड्रोन प्लाटून से बंकर तक; LAC पर भारत की क्या तैयारी?
CJP के सौरव दास-आशुतोष रांका को क्राइम ब्रांच ने बुलाया, नोटिस में क्या लिखा?
तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत, सैकड़ों ज़ख़्मी
गोल्डी ने कहा था- घर गिरा दो, वापस नहीं आऊंगा: लॉरेंस के साथ गैंगस्टर बना, अमेरिका को तलाश; पंजाब में घर खा...
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी, ओम बिरला ने कौन से कागज मांगे
चुनाव आयोग अधिकारी पर बिना चर्चा फैसले लेने का आरोप: संधू-जोशी ने कैबिनेट सचिव से शिकायत की थी, कार्रवाई नह...
Tiger Shroff की चोटों का वीडियो पहली बार आया सामने, फायरिंग के बाद दिखे शरीर पर निशान
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की अनूठी पहल: युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए खेती-किसानी से जुड़ेंगे युवा, कृषि उद्यमी बनने का मिलेगा सुनहरा अवसर!
मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इसके तहत राज्यभर के विभिन्न जिलों और संभागों में विशेष युवा संवाद आयोजित किए जाएंगे।
A
Ankit Yadav
25 अग 2026, 18:34
राज्य के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदलने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत मध्य प्रदेश के तमाम जिलों और संभागों में विशेष युवा संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का मुख्य मकसद युवा पीढ़ी को खेती-किसानी से जोड़ना और उन्हें कृषि को एक लाभ का सौदा बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के माध्यम से सरकार युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करेगी ताकि कृषि में आ रही बाधाओं और नई संभावनाओं पर खुलकर चर्चा की जा सके।
तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर
वर्तमान समय में खेती केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समावेश होना बेहद आवश्यक हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि नई पीढ़ी के युवा किसानी के क्षेत्र में आगे आते हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पूरा ढांचा बदल जाएगा। आधुनिक तकनीकों, जैसे कि ड्रिप इरिगेशन, स्मार्ट फार्मिंग, और ड्रोन तकनीक का उपयोग करके युवा किसानी के जरिए अपनी आय में भारी इजाफा कर सकते हैं। सरकार का यह प्रयास है कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि कृषि उद्यमी बनकर दूसरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा करें।
इस अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले संवाद कार्यक्रमों में कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और सफल युवा किसानों को भी आमंत्रित किया जाएगा। वे अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि कैसे कम लागत में बेहतर पैदावार हासिल की जा सकती है। इसके अलावा, जैविक खेती और फूड प्रोसेसिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा होगी। इन सम्मेलनों में युवाओं को सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं के बारे में भी पूरी जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना कृषि स्टार्टअप शुरू करने में आसानी हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं के लगातार शहरों की ओर पलायन को रोकने के लिए भी यह एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। जब खेती में तकनीक और मुनाफे का मेल होगा, तो गांव खुद-ब-खुद समृद्ध और आत्मनिर्भर बन जाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर इन संवाद कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और जल्द ही इनकी तिथियों की घोषणा भी कर दी जाएगी। जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक से अधिक युवाओं की इन कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि इस पहल का जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सके।