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सोने में गिरावट: लगातार चौथे दिन फिसले दाम, भाव 4120 डॉलर के करीब पहुंचा

सोने के बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। कीमती धातुओं के दाम में कमी आने से खरीदारों में हलचल बढ़ गई है। बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार कीमत में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है।

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Ankit Yadav
21 अक्ट 2026, 12:44
सोने में गिरावट: लगातार चौथे दिन फिसले दाम, भाव 4120 डॉलर के करीब पहुंचा

कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज

सोने के बाजार में आज एक बार फिर से कीमतों में कमी देखने को मिली है। भारतीय सर्राफा बाजार और वैश्विक स्तर पर मिल रहे संकेतों के बीच सोने के भाव में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है। इस निरंतर गिरावट के चलते कीमती धातु का भाव अब नीचे आते हुए 4120 डॉलर के करीब पहुंच गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण ऐसा हो रहा है। लगातार चार सत्रों से कीमतों में आ रही इस कमजोरी ने निवेशकों और कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। खुदरा खरीदार इस गिरावट के बाद बाजार का रुख कर रहे हैं और वे सोने की खरीदारी को लेकर नए सिरे से विचार कर रहे हैं। इस प्रकार की मंदी का असर पूरे कारोबारी सत्र पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। व्यापारी वर्ग भी इस बात को लेकर सतर्क हो गया है कि आने वाले दिनों में बाजार की क्या दिशा होगी। लगातार कम हो रहे इन दामों ने बाजार की चाल को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है और हर कोई इसके कारणों को जानने का प्रयास कर रहा है। सभी कारोबारी केंद्रों पर इस विषय पर चर्चा चल रही है कि सोने में यह कमजोरी आखिर कब तक बनी रहेगी।

4120 डॉलर के करीब पहुंचा सोने का भाव

कारोबार के दौरान सोने का भाव गिरते-गिरते अब 4120 डॉलर के करीब जा पहुंचा है। इस मूल्य तक पहुंचने के साथ ही बाजार में हलचल तेज हो गई है और तमाम निवेशक अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं। कीमतों में लगातार आ रही इस टूट के पीछे कई तरह के आर्थिक कारण माने जा रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर की स्थिति मजबूत होने और अन्य परिसंपत्तियों में पैसा लगने के कारण सोने से पूंजी बाहर आ रही है। इस वजह से कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है और भाव नीचे लुढ़कते जा रहे हैं। पिछले चार दिनों से जारी इस गिरावट के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में बिकवाली का दबाव खरीद के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत है। इसी दबाव के चलते दाम लगातार घटते हुए अब 4120 डॉलर के स्तर के बेहद करीब आ गए हैं। इस स्थिति ने उन लोगों को भी चौंका दिया है जो हाल ही में सोने में निवेश करने की सोच रहे थे। बाजार में हर तरफ इसी बात की चर्चा है कि क्या यह भाव और अधिक नीचे जाएगा या फिर यहां से कोई रिकवरी देखने को मिलेगी। फिलहाल स्थिति यह है कि बिकवाल हावी हैं और खरीदार हर स्तर पर संभलकर कदम रख रहे हैं।

क्यों टूट रही कीमतें और बाजार की पृष्ठभूमि

सोने की कीमतों में लगातार हो रही इस गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक और निवेशकों का बदलता रुझान मुख्य रूप से जिम्मेदार है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है या ब्याज दरों को लेकर नए संकेत मिलते हैं, तब कीमती धातुओं के दाम प्रभावित होते हैं। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो सोने को हमेशा से एक सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है, लेकिन जब वैश्विक सूचकांक बदलते हैं तो इसमें मुनाफावसूली शुरू हो जाती है। इसी मुनाफावसूली और बिकवाली के कारण दाम पिछले चार दिनों से लगातार नीचे गिर रहे हैं और अब 4120 डॉलर के करीब आ गए हैं। इस तरह के उतार-चढ़ाव से सामान्य निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि वैश्विक बाजार की हलचल का असर स्थानीय दरों पर किस प्रकार पड़ता है। मध्यम वर्ग के खरीदार अक्सर इस उम्मीद में रहते हैं कि दाम घटने पर वे खरीदारी करें, लेकिन इस प्रकार की लगातार गिरावट बाजार में अनिश्चितता पैदा करती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केंद्रीय बैंकों की नीतियों या अन्य आर्थिक आंकड़ों से इस गिरावट पर कोई लगाम लग पाती है या नहीं। तब तक निवेशकों को पूरी सावधानी के साथ अपने वित्तीय निर्णय लेने की सलाह दी जाती है ताकि वे किसी भी बड़े नुकसान से बच सकें।

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