स्टारलिंक लाइसेंस विवाद और एलन मस्क की प्रतिक्रिया
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक के लाइसेंस को लेकर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मस्क लगातार भारत के संबंध में तीखे बयान जारी कर रहे हैं और इन बयानों पर भारत सरकार अपनी प्रतिक्रिया भी दे चुकी है। हालांकि भारत कोई इकलौता ऐसा देश नहीं है जहां इस इंटरनेट सेवा की उपलब्धता को लेकर पेंच फंसा हो या सर्विस न मिलती हो। चीन से लेकर रूस तक दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां स्टारलिंक सर्विस पर पूरी तरह बैन लगा हुआ है। इसके अलावा बहुत से अन्य देशों में इसके आधिकारिक अप्रूवल का अभी भी इंतजार किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में सिर्फ भारत को लेकर एलन मस्क द्वारा दिए जा रहे बयान कई लोगों को हैरान कर रहे हैं। स्टारलिंक कंपनी ने अपने आधिकारिक पोर्टल पर एक ग्लोबल मैप के जरिए यह जानकारी दी है कि उसकी सर्विस दुनिया में कहां-कहां चालू है, किन देशों में जल्द शुरू होगी और किन जगहों पर इसे प्रतिबंधित किया जा चुका है।
किन देशों में सेवा उपलब्ध और कहां लगी है पाबंदी
स्टारलिंक के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार कनाडा, अमेरिका, ब्राजील, स्वीडन, लंदन और ऑस्ट्रिया जैसे देशों में इसकी हाई स्पीड इंटरनेट सेवा पूरी तरह उपलब्ध है। इसके विपरीत भारत, पाकिस्तान, नेपाल और ईरान समेत कई ऐसे देश हैं जहां स्थानीय प्रशासनिक और सरकारी प्राधिकरणों के अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है जिसके बाद ही वहां सेवा शुरू हो सकेगी। दूसरी तरफ चीन, रूस, अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देश हैं जहां स्टारलिंक की सर्विस पर आधिकारिक तौर पर बैन है। फरवरी 2026 में खुद एलन मस्क ने यह जानकारी साझा की थी कि स्पेसएक्स ने अपनी इस सेवा को रूस में प्रतिबंधित कर दिया है। रूस में यह बड़ा कदम स्टारलिंक के अनाधिकृत और अवैध इस्तेमाल को रोकने के मकसद से उठाया गया था। चीन की बात करें तो वहां विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं। चीन का पूरा दूरसंचार और इंटरनेट सिस्टम कड़े सरकारी नियंत्रण के अधीन काम करता है जिसके कारण स्टारलिंक को वहां मंजूरी नहीं मिल पाई है।
भारत के नियम और सैटेलाइट इंटरनेट की कार्यप्रणाली
ईरान में इंटरनेट और संचार सेवाओं पर सरकार के सख्त नियंत्रण के बीच स्टारलिंक एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय बन चुका था। ईरान में सरकारी स्तर पर इंटरनेट बंद किए जाने की स्थिति में बहुत से लोग इस सैटेलाइट सेवा का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करते थे। वर्तमान में स्टारलिंक के पोर्टल पर ईरान के भीतर भी इस सेवा को बंद दिखाया गया है। भारत सरकार के एक मंत्रालय ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि देश के नियम सभी कंपनियों के लिए एक समान रूप से लागू होते हैं। सरकार ने तीन कंपनियों को लाइसेंस जारी किए हैं जिनमें एलन मस्क की स्टारलिंक कंपनी भी शामिल है लेकिन वर्तमान में अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है। तकनीकी रूप से बात करें तो स्टारलिंक बिना किसी मोबाइल टॉवर की मदद के सीधे घर तक या उपयोगकर्ता तक हाई स्पीड इंटरनेट सेवा पहुंचाती है जिसके लिए वह विशेष उपग्रहों यानी सैटेलाइट्स का उपयोग करती है और यह मूल रूप से एक अमेरिकी कंपनी है।