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बड़ा फर्जीवाड़ा: रक्षा विभाग का प्रोजेक्ट बताकर ठगों ने 1,000 करोड़ रुपये का लगाया चूना

देश में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर अपराधियों ने रक्षा विभाग से जुड़ा एक फर्जी प्रोजेक्ट बताकर लोगों से एक हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम ठग ली।

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Ankit Yadav
03 सित 2026, 11:18
बड़ा फर्जीवाड़ा: रक्षा विभाग का प्रोजेक्ट बताकर ठगों ने 1,000 करोड़ रुपये का लगाया चूना
देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में सक्रिय ठगों के एक बड़े नेटवर्क ने लोगों को अपने जाल में फंसाकर हजारों करोड़ रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने निवेशकों और आम नागरिकों को यह विश्वास दिलाया था कि उनके पास एक बहुत बड़ा सरकारी ठेका है, जो सीधे तौर पर देश के रक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है। इस फर्जी योजना के तहत पीड़ितों को लालच दिया गया था कि उन्हें साल 2050 तक लगातार हर साल कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये का काम मिल सकता है। इस प्रकार के बड़े और आकर्षक वादों के झांसे में आकर कई लोग इन ठगों के चंगुल में फंस गए और धीरे-धीरे इन्होंने करीब एक हजार करोड़ रुपये का बड़ा चूना लगा दिया।

फर्जी दस्तावेजों और विज्ञापनों का हुआ इस्तेमाल

इस शातिर गिरोह ने अपनी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम किया था। अपराधियों ने कूटरचित यानी फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे, जिन पर बड़े सरकारी विभागों और रक्षा मंत्रालय के नकली मुहर और हस्ताक्षर भी इस्तेमाल किए गए थे। लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि यह एक अत्यंत प्रतिष्ठित और गुप्त राष्ट्रीय परियोजना है, उच्च स्तर की आत्मकेंद्रित कार्यप्रणाली का दिखावा किया गया था। शुरुआती दौर में कुछ छोटे निवेशकों को मामूली मुनाफा देकर उनका भरोसा जीता गया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश कराई गई। जब लोगों ने भारी भरकम राशि इन खातों में जमा करवा दी, तब जाकर इस बड़े घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुलने लगीं और ठगी का यह पूरा जाल सामने आया।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों और संबंधित विभागों ने तुरंत हरकत में आते हुए एक उच्च स्तरीय जांच बिठा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है। प्रारंभिक छानबीन से यह स्पष्ट हो गया है कि इस नेटवर्क में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई शातिर अपराधी जुड़े हुए थे जो सुनियोजित तरीके से इस तरह के आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहे थे। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के लुभावने और असत्यापित रक्षा या सरकारी प्रोजेक्ट्स में बिना पूरी जांच-पड़ताल किए निवेश न करें। केंद्रीय एजेंसियां भी अब इस मामले में वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि ठगी गई पूरी रकम का पता लगाया जा सके।
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