उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण हालिया घटना से मिलता है जहां चोरों ने शातिर तरीके से एक आभूषण कारोबारी के आवास पर धावा बोला। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए अज्ञात चोर घर के अंदर रखे भारी मात्रा में कीमती सामान और नकदी पर हाथ साफ कर गए। बदमाशों ने सुनियोजित ढंग से इस चोरी को पूरा किया और मौके से लगभग तीस किलोग्राम चांदी के आभूषण व बर्तन तथा पचहत्तर हजार रुपये नकद लेकर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इस बड़ी सेंधमारी की जानकारी दी गई, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड के साथ पुलिस बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू किए।
कानपुर और आसपास के इलाकों में सर्राफों और व्यापारियों को निशाना बनाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई बार आभूषण व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। स्थानीय सर्राफा बाजार के दुकानदारों और मालिकों का कहना है कि पुलिस गश्त की कमी और खुफिया तंत्र की नाकामी के कारण बदमाशों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शहर के व्यस्त और पॉश इलाकों में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण चोर और लुटेरे आसानी से ऐसी बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। इस बार जिस तरह से तीस किलो चांदी और नकद की इतनी बड़ी चोरी हुई है, उससे साफ जाहिर होता है कि बदमाशों ने काफी लंबे समय से इस घर की रेकी की होगी और उन्हें भली-भांति पता था कि कीमती सामान और नकदी कहां रखी हुई है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
इस सनसनीखेज चोरी की घटना के बाद कानपुर पुलिस पर जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़ने का भारी दबाव बन गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने शहर भर के पुराने अपराधियों और संदिग्ध चोर गिरोहों की गतिविधियों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है ताकि इस गिरोह का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जा सके। सर्राफा एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने निर्धारित समय के भीतर इस मामले का खुलासा कर चोरी गए माल की बरामदगी नहीं की, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। व्यापारियों का यह भी कहना है कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस को रात के समय गश्त बढ़ानी चाहिए और बाजारों तथा आवासीय कॉलोनियों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों की पुनरावृत्ति न हो सके।