कुसुमी जंगल में ट्रेन पर पथराव गोरखपुर जिले के कुसुमी जंगल के पास से गुजर रही बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन पर कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने अचानक भारी पथराव शुरू कर दिया जिससे ट्रेन के डिब्बों में बैठे यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। इस अचानक हुए हमले के दौरान खिड़कियों के शीशे टूट गए और तेज गति से आ रहे पत्थरों की चपेट में आने से एक महिला समेत दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेन के अंदर अचानक मची चीख-पुकार के बाद यात्रियों ने किसी तरह खुद को बचाया और घटना की तुरंत सूचना रेलवे के कर्मचारियों तथा सुरक्षा अधिकारियों को दी। इस प्रकार की अचानक हुई हिंसा से रेल यात्रियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि चलती ट्रेनों पर इस तरह के हमले किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया तथा मौके पर स्थिति का जायजा लेने की तैयारी शुरू कर दी गई।
रेलवे सुरक्षा और जंगल क्षेत्र की चुनौतियां भारतीय रेलवे नेटवर्क में इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं और ऐसे सुनसान इलाकों में पटरियों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। जंगल या निर्जन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों को अक्सर असामाजिक तत्वों द्वारा निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस प्रशासन इस प्रकार की वारदातों को रोकने के लिए लगातार गश्त और निगरानी बढ़ाने का दावा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद शरारती तत्व मौका पाकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देने में सफल हो जाते हैं। इस मामले में भी कुसुमी जंगल जैसे घने और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर उपद्रवियों ने अंधेरे या आड़ का लाभ उठाते हुए ट्रेन को निशाना बनाया। रेलवे के जानकारों का मानना है कि पटरियों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और ऐसे आपराधिक तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बेहद आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
यात्रियों में दहशत और अगली कार्रवाई इस अप्रत्याशित हमले में घायल हुए दोनों यात्रियों को ट्रेन के अगले स्टेशनों पर प्राथमिक चिकित्सा और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सके। घटना के बाद से ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों में भी भारी रोष और भय का माहौल है, जो रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। रेलवे पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी अब इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात उपद्रवियों की तलाश में जुट गए हैं तथा आसपास के इलाकों में छानबीन तेज कर दी गई है। इस घटना के मद्देनजर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा पटरियों के किनारे स्थित गांवों और बस्तियों में जनसंपर्क अभियान चलाए जाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए जाने की संभावना है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार के आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों के मन में कानून का डर बना रहे।