फिरोजाबाद में तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई
तेलंगाना राज्य से आई आर्थिक अपराध शाखा के उपनिरीक्षक वेंकटेश्वर, नरेंद्र और मोहम्मद मौसिम की विशेष टीम ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में पहुंचकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। स्थानीय पुलिस से औपचारिक संपर्क करने और पूरा सहयोग प्राप्त करने के बाद पुलिस दल ने विभव नगर इलाके में स्थित गणेश अल्ट्रासाउंड सेंटर के चारों तरफ सुरक्षा घेराबंदी की। इसी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर हरिकृष्णा नामक आरोपी एमबीबीएस और एमडी डॉक्टर रेडियोलॉजिस्ट के पद पर कार्यरत था। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके आरोपी को मौके से ही धर दबोचा जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। आरोपी डॉक्टर लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर यहां काम कर रहा था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ठगी के इस बड़े मामले में एक और अहम कड़ी हाथ लगी है। स्थानीय पुलिस और तेलंगाना पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह पूरी कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की गई।
फर्जी वर्क ऑर्डर और पैसों के लेनदेन का खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच और गहन पड़ताल में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस पूरे धोखाधड़ी मामले में फर्जी वर्क ऑर्डर का इस्तेमाल किया गया था। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने मीडिया को इस संबंध में पूरी जानकारी देते हुए बताया कि तेलंगाना पुलिस मंगलवार को आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश करेगी। न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद पुलिस आरोपी की ट्रांजिट रिमांड हासिल करेगी ताकि उसे आगे की पूछताछ के लिए तेलंगाना ले जाया जा सके। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस बड़ी धोखाधड़ी से जुटाई गई अवैध रकम में से करीब 50 लाख रुपये आरोपी के भाई द्वारा उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस वित्तीय लेन-देन के पुख्ता सबूत मिलने के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और लगातार अपनी ठिकाने बदल रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पारिवारिक संलिप्तता और आगे की कानूनी कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले पारिवारिक तार जुड़े मिले हैं। पुलिस को जांच में पता चला है कि इस ठगी से जुड़ी संबंधित कंपनी आरोपी हरिकृष्णा की भाभी संध्या के नाम पर पंजीकृत कराई गई थी। इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के भाई और उसके साले राम को भी पुलिस ने नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस इस मामले में पहले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की भाभी और उसके साले को गिरफ्तार कर चुकी है जो फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल में हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी का भाई अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर फरार चल रहा है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। तेलंगाना पुलिस की टीम फिरोजाबाद से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को अपने साथ ले जाएगी और इस पूरे दो सौ करोड़ रुपये के घोटाले के अन्य पहलुओं पर गहराई से पूछताछ करेगी।