क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इकाई ने एक महत्वपूर्ण अभियान के तहत 28 साल के एक वांछित अपराधी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान देवा उर्फ नरेश कुमार के तौर पर की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार यह शातिर अपराधी बिंदापुर थाने का रहने वाला बताया गया है। पुलिस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि यह आरोपी अपनी पहचान बदलकर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा इलाके में छिपा हुआ है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर विशेष टीम ने गत 26 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-16 में सुनियोजित तरीके से दबिश दी। पुलिस दल ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद से उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उसके अन्य साथियों और ठिकानों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकें।
लंबा आपराधिक इतिहास और गंभीर आरोप
गिरफ्तार किए गए देवा उर्फ नरेश कुमार का अपराध जगत में बहुत लंबा और गंभीर इतिहास रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में कुल 91 आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें से अधिकांश मुकदमे वर्ष 2022 और 2023 के दौरान दर्ज किए गए थे। उसके ऊपर लूटपाट, राहजनी, चोरी, सेंधमारी, घर में चोरी, हत्या की कोशिश, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और अवैध हथियार रखने जैसे अत्यंत गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह कानून की नजरों से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। अदालत द्वारा लंबे समय तक पेश न होने पर उसे पहले ही तीन मामलों में घोषित अपराधी करार दिया जा चुका था। इन मुकदमों में मुख्य रूप से डाबरी और द्वारका नॉर्थ थाने के मामले शामिल हैं, जहां उसकी तलाश काफी समय से की जा रही थी।
मुठभेड़ का पुराना मामला और वर्तमान स्थिति
आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों की फेरहिस्ट में एक बड़ी घटना वर्ष 2018 की भी है। उस समय उस पर पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने, सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने और लूट जैसी धाराओं के तहत मामला कायम किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2020 में उस पर चोरी और झपटमारी के आरोप लगे थे जबकि वर्ष 2021 में हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद इस बात का खुलासा किया कि एक पुरानी वारदात के दौरान उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला किया था। उस दौरान आरोपियों ने पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनने का असफल प्रयास भी किया था जिसके बाद हुई हाथापाई में गोली चलने से देवा के पैर में चोट आई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह ग्रेटर नोएडा में मजदूरी कर रहा था और अपनी असल पहचान छिपाकर सामान्य मजदूरों की तरह जीवन गुजार रहा था।