नागपुर में फ्लैट पर संयुक्त टीम का छापा
उत्तर प्रदेश के चर्चित हत्या मामले में तलाश के दायरे में चल रही मुख्य संदिग्ध महिला को पुलिस ने आखिरकार महाराष्ट्र के नागपुर शहर से धर दबोचा। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई और कमिश्नरेट पुलिस ने स्थानीय नागपुर पुलिस के साथ मिलकर एक साझा ऑपरेशन चलाया। वर्धा रोड पर स्थित चिंच भवन इलाके के एक आवासीय फ्लैट पर पुलिस ने अचानक दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान वांछित महिला के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और वाहन चालक तनवीर को भी हिरासत में ले लिया गया। नागपुर क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीपक अग्रवाल ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। सभी पकड़े गए लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक वांछित महिला अपनी पहचान छुपाने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी और पुलिस से बचकर भागने की जुगत में लगी हुई थी। जांच एजेंसियों के हाथ एक कार लगी थी जिसके सुराग के आधार पर ही इन आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका। यह वाहन कानपुर नंबर का था और इसी गाड़ी के जरिए तीनों आरोपी अलग-अलग ठिकानों पर सफर कर रहे थे। पुलिस को लगातार मिल रही इनपुट के बाद तकनीकी मदद ली गई और आखिरकार सफलता मिल गई।
तकनीकी सर्विलांस और आईपी एड्रेस से हुआ खुलासा
फरार चल रही मुख्य महिला आरोपी तक पहुंचने के लिए जांच टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों का पूरा सहारा लिया। सर्विलांस और आईपी एड्रेस को लगातार ट्रैक किया जा रहा था जिससे आरोपियों की सही लोकेशन का पता चल पाया। महिला आगरा से सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हुए नागपुर पहुंची थी और वहां एक परिचित के फ्लैट में छिपी हुई थी। पुलिस को यह भी अंदेशा था कि वह नागपुर से भी आगे किसी अन्य स्थान पर भागने की फिराक में थी। इससे पहले कि वह अपना ठिकाना बदलकर कहीं और जाती, संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। गाड़ी के नंबर और आईपी एड्रेस से मिले सुरागों ने इस पूरी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। पूछताछ के दौरान ड्राइवर तनवीर की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है कि उसने किस प्रकार आरोपियों को आने-जाने और छिपने में मदद पहुंचाई थी। बहन रश्मि दुबे भी इस पूरी यात्रा में लगातार मुख्य आरोपी के साथ बनी हुई थी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस की मदद से ही इस जटिल मामले की गुत्थी को सुलझाया जा सका है। आरोपियों के पास से मिले अन्य डिजिटल सबूतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को उजागर किया जा सके और किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
हत्याकांड का संदर्भ और आगे की कानूनी कार्यवाही
यह पूरा मामला लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट से जुड़ा हुआ है। जहां नौ अक्टूबर की तारीख को कैफे संचालक शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के तुरंत बाद मृतक के परिवारजनों ने इसे सोची-समझी हत्या करार देते हुए मुख्य आरोपी महिला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया था और लगातार दबिश दे रहा था। मुख्य आरोपी महिला गिरफ्तारी पर रोक से संबंधित कानूनी कागजातों पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद अपने ड्राइवर के साथ फरार हो गई थी। जिसके बाद से ही उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसमें यूपी एसटीएफ को भी शामिल कर लिया गया था। मंगलवार को एसटीएफ को भी इस धरपकड़ अभियान को तेज करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। अब घटना के ग्यारह दिन बाद हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस जांच के लिहाज से एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी और इस सनसनीखेज मामले की परत-दर-परत सच्चाई सामने लाएगी।