खाली मकान में चल रहा था अवैध कारोबार
छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत आने वाले बलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक बड़ी छापेमारी को अंजाम दिया गया है। पुलिस महकमे को गोपनीय सूत्रों के माध्यम से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली थी कि ग्राम बैजलपुर में स्थित महामाया क्रेशर के पास एक सूना मकान मौजूद है। इसी खाली पड़े मकान के भीतर गैरकानूनी तरीके से भारी मात्रा में पटाखों का भंडारण करके रखा गया था। केवल भंडारण ही नहीं बल्कि घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में रखे गए इन पटाखों की धड़ल्ले से बिक्री भी की जा रही थी। इस सूचना के मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर पहुंचकर औचक दबिश दी और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां अलग-अलग गत्ते के कार्टनों में विभिन्न किस्मों के पटाखे भरे हुए मिले जिन्हें स्थानीय पुलिस बल ने पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है।
लाखों का माल और आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई 12 अक्टूबर 2026 के दिन मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पूरी की गई थी। मौके से बरामद किए गए सभी पटाखों का जब कुल वजन किया गया तो वह लगभग 176 किलोग्राम निकला। इन जब्त की गई विस्फोटक सामग्री की बाजार में कुल अनुमानित कीमत करीब 8 लाख 56 हजार आंकी गई है। इस अवैध कृत्य में संलिप्त पाए जाने पर पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसकी पहचान दीपक कुमार अग्रवाल के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपी की उम्र 52 वर्ष है और वह नैला के वार्ड क्रमांक 04 का रहने वाला बताया गया है। आरोपी के विरुद्ध कानून की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई है ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घनी बस्तियों के बीच इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण किए जाने से स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर बड़ा संकट पैदा हो गया था। इस प्रकार की अवैध गतिविधियों के सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरी छापेमारी और सफल धरपकड़ अभियान में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों की मुख्य रूप से सक्रिय भागीदारी रही। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में बलौदा थाना के प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा के साथ-साथ निरीक्षक सुशील पटेल भी शामिल रहे। इसके अलावा साइबर थाने से सहायक उप निरीक्षक विवेक सिंह और प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवर ने भी इस अभियान में अपनी अहम भूमिका निभाई। स्थानीय थाना स्टाफ के सहयोग से पूरी कार्रवाई को सफलताપૂર્વक पूरा किया गया और फिलहाल पुलिस इस मामले की प्रत्येक पहलू से विस्तृत विवेचना करने में जुटी हुई है।