देशभर में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर चल रही बहसों के बीच न्यायिक व्यवस्था से एक अहम और बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग से जुड़े डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत के हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी टिप्पणी करते हुए अधिकारियों के खिलाफ की गई पूरी कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जेल या हिरासत से रिहा करने का सख्त निर्देश भी जारी किया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।