क्राइम ब्रांच की टीम ने नोएडा से दबोचा
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इकाई ने 26 सितंबर को एक महत्वपूर्ण अभियान के तहत 28 साल के एक शातिर अपराधी को उसके छुपने के ठिकाने से दबोच लिया है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान देवा उर्फ नरेश कुमार के रूप में सुनिश्चित की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक यह अपराधी मूल रूप से बिंदापुर थाने के क्षेत्र से जुड़ा हुआ बताया गया है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को यह गुप्त सूचना मिली थी कि यह शातिर आरोपी लंबे समय से लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा इलाके में रह रहा है। इसके बाद पुलिस दल ने सेक्टर-16 क्षेत्र में दबिश दी और योजनाबद्ध तरीके से उसे अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तारी से बचने की खातिर वह वहां रहकर मजदूरी का काम कर रहा था और अपनी असल पहचान छिपाने का प्रयास कर रहा था ताकि पुलिस और अदालत की पकड़ से दूर रह सके।
अदालत द्वारा घोषित अपराधी था आरोपी
गिरफ्तार किए गए देवा उर्फ नरेश कुमार के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता जा रहा था क्योंकि अदालत ने उसे पहले ही तीन अलग-अलग मामलों में घोषित अपराधी करार दे रखा था। जिन मामलों में उसे यह दर्जा मिला था, उनमें मुख्य रूप से डाबरी और द्वारका नॉर्थ थाने के अंतर्गत दर्ज मुकदमे शामिल हैं। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार देवा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा और गंभीर है जिसमें वर्ष 2018 का एक मामला विशेष रूप से शामिल है। उस पुराने प्रकरण में उस पर एक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने, सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने और लूटपाट से जुड़ी कई धाराएं लगाई गई थीं। इसके अलावा वर्ष 2020 के दौरान उसके खिलाफ चोरी और राहजनी यानी झपटमारी के आरोप में भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। वर्ष 2021 में उस पर हत्या के प्रयास और हथियार अधिनियम यानी आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की गई थी। पूर्व की एक घटना में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मी की सर्विस गन छीनने की कोशिश भी की थी।
लूट और हत्या के प्रयास के हैं दर्ज मामले
कुख्यात बदमाश देवा उर्फ नरेश कुमार के नाम पर दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 91 आपराधिक मामले दर्ज हैं जो उसके लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय होने की गवाही देते हैं। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों में सेंधमारी, घर में चोरी, लूटपाट, झपटमारी, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और पुलिसकर्मी पर हमला करने जैसे अत्यंत गंभीर अपराध शामिल हैं। इनमें से बहुत बड़ी संख्या में मामले वर्ष 2022 और वर्ष 2023 के दौरान दर्ज किए गए थे जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा था। पूर्व में पुलिसकर्मी से हुई उस हाथापाई की घटना के दौरान आरोपी के पैर में गोली भी लग गई थी जब उसने सर्विस पिस्टल छीनने का कुप्रयास किया था। लंबे समय तक अदालत की कार्यवाहियों में पेश न होने के कारण उसके विरुद्ध कानूनी प्रक्रियाएं तेज कर दी गई थीं। क्राइम ब्रांच की टीम काफी वक्त से ऐसे अपराधियों की तलाश कर रही थी जो वारदातों को अंजाम देने के बाद लगातार अपने ठिकाने बदलकर कानून की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे थे।