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बड़ी कार्रवाई: जयपुर में रैपिडो और पोर्टर जैसे ऐप्स के जरिए चल रहा था अवैध ड्रग्स डिलीवरी का काला कारोबार

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ड्रग्स तस्करी का एक हैरान करने वाला और नया तरीका सामने आया है, जहां तस्कर डिलीवरी के लिए आधुनिक तकनीक और पॉपुलर ऑनलाइन ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।

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Ankit Yadav
14 सित 2026, 12:03
बड़ी कार्रवाई: जयपुर में रैपिडो और पोर्टर जैसे ऐप्स के जरिए चल रहा था अवैध ड्रग्स डिलीवरी का काला कारोबार
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने नशे के कारोबार का एक ऐसा नया और आधुनिक नेटवर्क बेनकाब किया है जिसके बारे में जानकर आम लोग और प्रशासन दोनों हैरान हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का किस तरह से गलत इस्तेमाल किया जा सकता है, इसकी बानगी इस मामले में देखने को मिली है। तस्करों ने अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका निकाला था। वे आम नागरिकों द्वारा रोजमर्रा के सामान भेजने और मंगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जाने-माने डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स और एप्लिकेशन्स का सहारा ले रहे थे।

रैपिडो और पोर्टर जैसे ऐप्स का दुरुपयोग

जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध और खतरनाक कारोबार को अंजाम देने के लिए रैपिडो और पोर्टर जैसे लोकप्रिय बाइक और मिनी-ट्रक डिलीवरी ऐप्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। तस्कर ग्राहकों तक सीधे नशा पहुंचाने के बजाय इन ऑनलाइन कैब और कूरियर सेवाओं के जरिए पार्सल बुक करते थे। अनजान डिलीवरी बॉय अनजाने में ही इन नशीले पदार्थों को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुंचा देते थे। इस नए और शातिर नेटवर्क के खुलासे ने न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि इन कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था और पार्सल की जांच के तौर-तरीकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बढ़ता डिजिटल अपराध और सुरक्षा चिंताएं

आज के समय में जब हर छोटी-बड़ी चीज घर बैठे एक क्लिक पर मिल जाती है, तो अपराधियों ने इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की है। पार्सल के अंदर क्या है, इसकी सटीक जानकारी के बिना केवल पिक-अप और ड्रॉप सर्विस देने वाले ये डिलीवरी पार्टनर्स कई बार अनजाने में ही इस प्रकार के गंभीर अपराधों का हिस्सा बन जाते हैं। इस घटना के बाद से जयपुर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क हो गई हैं। वे इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह काला कारोबार कब से फल-फूल रहा था। साथ ही, उन तस्करों की पहचान भी की जा रही है जो फर्जी आईडी या अन्य तरीकों से इन ऐप्स पर बुकिंग करते थे।

पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे के कदम

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस विभाग ने ऐसे तमाम ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर काम करने और सख्त दिशानिर्देश तैयार करने पर विचार शुरू कर दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जयपुर में चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत यह एक बड़ी सफलता है। पुलिस जल्द ही इस मामले में संलिप्त मुख्य सरगनाओं और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती है। इस तरह के मामलों से निपटने के लिए अब डिजिटल डिलीवरी कंपनियों को भी अपने नियमों में कड़ाई लाने की सख्त जरूरत महसूस हो रही है, ताकि कोई भी अपराधी तकनीक का दुरुपयोग करके समाज की सुरक्षा से खिलवाड़ न कर सके।
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