फरार आरोपियों की धरपकड़ का पूरा विवरण
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र में लंबे समय से अदालत से फरार चल रहे वारंटियों की तलाश के लिए पुलिस विभाग की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस टीम ने नियमानुसार गिरफ्तार करने के पश्चात सीधे जेल भेजने की कार्रवाई पूरी की है। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के आधार पर अंजाम दी गई है। पुलिस विभाग के इस सख्त कदम से अपराधियों में हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी से स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है। क्षेत्र में इस तरह के फरार अपराधियों की सूची तैयार करके लगातार दबिश दी जा रही है ताकि न्याय प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके और मामलों का समय पर निस्तारण किया जा सके।
रात के वक्त पुलिस टीम द्वारा की गई छापेमारी
जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिले सटीक निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस बल ने रात के सन्नाटे में सुनियोजित तरीके से दबिश दी। घटना की रात यानी तीन और चार जून की दरमियानी रात को पुलिस ने विभिन्न संभावित स्थानों पर एक साथ छापेमारी की और दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस की इस विशेष छापामार कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी रवि कुमार ने खुद अपने हाथों में लिया था। उनके मार्गदर्शन में गठित की गई समर्पित पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ब्रजकिशोर के साथ हेड कांस्टेबल रवि कुमार और कांस्टेबल सचिन कुमार भी पूरी मुस्तैदी के साथ शामिल रहे। इस पूरी टीम ने आपसी तालमेल और सतर्कता का परिचय देते हुए आरोपियों के छिपने के ठिकानों पर अचानक धावा बोल दिया। पुलिसकर्मियों की इस समन्वित और त्वरित कार्रवाई के कारण दोनों वांछित अभियुक्तों को भागने का मौका तक नहीं मिल सका और उन्हें मौके पर ही घेरकर आसानी से गिरफ्तार कर लिया गया।
साल 2017 के पुराने मामले में थे लंबे समय से वांछित
पुलिस रिकॉर्ड से सामने आई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी काफी समय से कानून की नजरों से बचकर छिपे हुए थे। ये दोनों आरोपी मीरगंज स्थित ग्रामीण अदालत से जुड़े वर्ष 2017 के एक पुराने मुकदमे में लंबे समय से वांछित चल रहे थे। अदालत द्वारा बार-बार बुलाए जाने और समन जारी होने के बावजूद ये लोग पेश नहीं हो रहे थे जिसके कारण पुलिस इनकी तलाश में जुटी हुई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनकरा गांव निवासी हरिराम जो कि हरप्रसाद के पुत्र हैं तथा राजू जो कि सेवाराम उर्फ शोभाराम के पुत्र हैं के रूप में की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों के खिलाफ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती गई। सभी आवश्यक विधिक प्रक्रियाओं को सफलतापर्वक पूरा करने के बाद दोनों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया ताकि अदालत के आदेशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित किया जा सके।