नालागढ़ में दूसरा ग्रेनेड बरामद
हिमाचल प्रदेश के बद्दी पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत नालागढ़ ग्रेनेड मामले की जांच के दौरान एक नया खुलासा हुआ है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए मुख्य आरोपी के मकान के पास स्थित खेत से एक और खतरनाक ग्रेनेड बरामद किया है। इस ताजा बरामदगी के साथ ही इस पूरे सनसनीखेज मामले में अब तक कुल दो ग्रेनेड मिल चुके हैं। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया और निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए दोनों ग्रेनेड को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। ग्रेनेड मिलने की इस घटना के तुरंत बाद पुलिस बल ने आरोपी के घर के आसपास के पूरे क्षेत्र को घेर लिया और व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस विस्तृत तलाशी के दौरान कोई भी अन्य संदिग्ध वस्तु या सामग्री बरामद नहीं हुई है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल लगातार हर एक गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अन्य संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
मुख्य आरोपी की पत्नी की गिरफ्तारी
इस गंभीर मामले में बद्दी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ की पत्नी किरना को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ मजरा गांव का निवासी है जो बरूणा डाकघर और नालागढ़ तहसील के अंतर्गत आता है। पुलिस ने उसे मंगलवार को दबोच लिया था और उससे पूछताछ जारी थी। इसके बाद बुधवार को उसकी पत्नी किरना को भी मामले में संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की विशेष टीमें दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर और अलग-अलग गहनता से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस साजिश के पीछे के सभी सच सामने आ सकें। बद्दी के पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान के मार्गदर्शन में पूरी पूछताछ प्रक्रिया को बेहद गोपनीय और सख्त तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन ग्रेनेडों को इतनी बड़ी मात्रा में और किस उद्देश्य के साथ यहां लाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कानून के मुताबिक आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष जांच दल का गठन
इस सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष कदम उठाया है। डीएसपी नालागढ़ की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया गया है जो इस पूरे मामले की हर एक कड़ी को जोड़ रहा है। पुलिस थाना नालागढ़ में इस संबंध में पिछले महीने यानी 29 सितंबर 2026 को ही आर्म्स एक्ट की धारा 25 एक ए और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा चार के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया था। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि इस मामले से जुड़ा कोई भी गुनहगार कानून की पकड़ से बाहर न रह पाए। इस घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय निवासियों और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस सभी नागरिकों से अपील कर रही है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। जांच दल के अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं और इस मामले से जुड़े हर एक छोटे बड़े सुबूत को सुरक्षित रखने के साथ ही अपनी कानूनी कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।