विशेष प्रकोष्ठ की कार्रवाई में चार संदिग्ध धरे गए
मंगलवार को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की एनडीआर इकाई ने कुल चार नए संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है। जिन लोगों को दबोचा गया है उनमें हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले 21 वर्षीय कुणाल और 19 वर्षीय सुमित शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सीतापुर की निवासी 23 वर्षीय राधा और आजमगढ़ की रहने वाली 23 वर्षीय बबीता को भी पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये सभी लोग हमलावरों को असलहे सप्लाई करने और वारदात के बाद उन्हें सुरक्षित भगाने की साजिश में मुख्य रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। अमृतसर से लेकर मुंबई तक हथियारों की आवाजाही और बिचौलियों की इस पूरी चेन को तोड़ने के लिए पुलिस लगातार कड़ियां जोड़ रही है। पकड़े गए दोनों युवकों को सोनीपत से पकड़ा गया जबकि दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोचा गया है। इस सनसनीखेज वारदात की तह तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसियां हर एक पहलू को बहुत बारीकी से खंगाल रही हैं।
हथियारों की तस्करी और साजिश का पूरा खुलासा
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि कुणाल कुछ समय पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। वह अपने एक परिचित के माध्यम से अनिल पंडित के संपर्क में आया था जिसके बाद दोनों ने गुप्त चैटिंग वाले ऐप्स का इस्तेमाल करके बातचीत बढ़ाई थी। पुलिस का ऐसा आरोप है कि अनिल पंडित के कहने पर ही कुणाल अमृतसर शहर से एक पिस्तौल और बीस जिंदा कारतूस लेकर आया था। इस पूरी यात्रा के दौरान सुमित भी उसके साथ ही मौजूद था ताकि असुविधा न हो। इस घटना से लगभग दो महीने पहले कुणाल की पहचान राधा से हुई थी और उसने अपनी तमाम गतिविधियों के बारे में उसे बता दिया था। इसके बाद उसने राधा को असलहा लेकर मुंबई जाने के लिए पूरी तरह से राजी कर लिया था। पंद्रह तारीख को कुणाल खुद राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक छोड़ने गया था। वह पिस्तौल चालाकी से राधा के सफर वाले बैग के अंदर छिपाकर रखी गई थी। सत्रह तारीख को दोनों महिलाएं दादर पहुंच गईं और वहां एक होटल में जाकर रुकी थीं। उसी दिन सुबह ग्यारह बजे के आसपास होटल के पास एक कम उम्र का लड़का आया और राधा से वह बैग ले गया। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि उस बैग को आगे किसे सौंपा गया था और उस पिस्तौल का इस्तेमाल गोलीबारी में कैसे किया गया।
गिरफ्तारी का क्रम और आगे की कानूनी कार्यवाही
बॉलीवुड अभिनेता की कार पर गोलीबारी की यह घटना अठारह तारीख की शाम को अंजाम दी गई थी। इसके तुरंत बाद अनिल पंडित ने कुणाल को संपर्क करके बताया कि उनके शूटर मुंबई में ही फंसे हुए हैं। उसने कुणाल से कहा कि वह उन हमलावरों को वहां से निकलने में मदद करे और सुरक्षित रास्ता बनाए। उसी दिन राधा और बबीता ने दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़ी और दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। बीस तारीख को जैसे ही वे दोनों नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरीं, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गोलीबारी को अंजाम देने के बाद ये सभी आरोपी भागकर गुजरात के सूरत पहुंच गए थे और वहां से जयपुर जाने वाली ट्रेन में बैठे थे। उनकी योजना पहले बस के जरिए नई दिल्ली आने की थी और फिर वहां से नेपाल भाग जाने की पूरी तैयारी थी। हालांकि सतर्क पुलिस बल ने समय रहते अपनी रणनीति बदली और इन आरोपियों को धर दबोचा। इस पूरे मामले के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के बाकी बचे सदस्यों को भी जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा ताकि इस षड्यंत्र का पूरा सच सामने आ सके।