आनंद पर्वत में सनसनीखेज वारदात और हत्या राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके आनंद पर्वत में उस समय हड़कंप मच गया जब एक अठारह वर्षीय युवक पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल युवक ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाना हरकत में आया और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी तुरंत साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया ताकि हमलावरों का कोई सुराग मिल सके। चश्मदीदों और आसपास के लोगों से पूछताछ करके घटना के वक्त की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाया जा सके।
पुरानी रंजिश और आपसी विवाद की आशंका प्रारंभिक छानबीन और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे कोई पुरानी रंजिश या आपसी कलह मुख्य वजह हो सकती है। अकसर इस तरह के मामलों में देखा गया है कि आपसी अनबन या पुरानी शत्रुता समय के साथ इतनी बढ़ जाती है कि बात खूनी संघर्ष तक पहुँच जाती है। पीड़ित परिवार और मोहल्ले के लोगों से मिली जानकारियों को खंगाला जा रहा है ताकि यह समझा जा सके कि मृतक की हाल ही में किसी के साथ कोई बड़ी कहासुनी या विवाद तो नहीं हुआ था। स्थानीय पुलिस थानों के रिकॉर्ड और पुराने मामलों की फाइलों को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस वारदात में किसी पुराने आपराधिक गिरोह या पूर्व परिचितों का हाथ है। समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से भी ऐसी घटनाओं का अध्ययन किया जाता है ताकि शहरी इलाकों में युवाओं के बीच बढ़ती आक्रामकता और हिंसा के मूल कारणों को समझकर भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस की आगे की तलाश इस सनसनीखेज कत्लेआम के बाद से ही स्थानीय निवासियों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त है, और लोग आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों के चेहरे और उनकी आवाजाही के रास्तों को स्पष्ट रूप से पहचाना जा सके। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया गया है जो संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का और अधिक खुलासा होगा, जिसके आधार पर न्यायालय में मजबूत आरोपपत्र दाखिल किया जा सकेगा ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके।