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दुखद हादसा: हथिनी कुंड बैराज में अभ्यास के दौरान लापता हुए सेना के जवान का शव सहारनपुर में नदी से बरामद
हथिनी कुंड बैराज में सैन्य अभ्यास के दौरान अचानक लापता हुए भारतीय सेना के एक जवान का शव उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से नदी के अंदर से बरामद किया गया है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
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Ankit Yadav
03 सित 2026, 13:24
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां हथिनी कुंड बैराज के पास पानी में रूटीन अभ्यास के दौरान लापता होने वाले भारतीय सेना के जवान का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया था, जिसके बाद से ही लापता जवान की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। कड़ी मशक्कत और लगातार खोजबीन के बाद अंततः नदी से जवान का शव मिल गया, जिसके बाद आधिकारिक रूप से इस हृदयविदारक हादसे की पुष्टि की गई है।
सघन तलाशी अभियान के बाद मिली सफलता
सहारनपुर के स्थानीय पुलिस प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और सेना के गोताखोरों ने मिलकर इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया था। हथिनी कुंड बैराज के तेज बहाव और जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तलाशी अभियान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन बचाव दलों ने हार नहीं मानी। लगातार कई घंटों तक चलाए गए इस गहन सर्च ऑपरेशन के दौरान आखिरकार नदी के एक निश्चित हिस्से से सैनिक का शव ढूंढ निकाला गया। इस अप्रत्याशित और दुखद अंत ने सेना के अधिकारियों के साथ-साथ मृतक के परिवारजनों और पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि हर कोई जवान के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठा था।
नदियों और बैराज क्षेत्रों में इस प्रकार के सैन्य अभ्यास और कमांडो ट्रेनिंग बेहद जोखिम भरे होते हैं, जिनमें सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद कई बार प्रकृति के अप्रत्याशित प्रकोप या अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण गंभीर हादसे हो जाते हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभ्यास के दौरान पानी के अंदर किसी अप्रत्याशित परिस्थिति या तेज धार की चपेट में आने के कारण यह भयानक दुर्घटना घटी होगी, हालांकि आधिकारिक तौर पर दुर्घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच अभी जारी है। सेना के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से समीक्षा कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अभ्यास के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां बनी थीं।
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय नागरिकों और देश भर के लोगों में शोक की भावना व्याप्त है। कर्तव्य पथ पर अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा और सेवा के लिए कठिन प्रशिक्षण लेने वाले ऐसे वीर सैनिकों का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति के समान है। प्रशासनिक और सैन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक निवास स्थान के लिए रवाना किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि संपन्न कराई जाएगी।