एटीएम बूथ के अंदर दिया गया ठगी की वारदात को अंजाम
कानपुर नगर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारासिरोही इलाके के निवासी अश्वनी कुमार के घर में उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार रहते हैं। परिवार में पिता की चिकित्सा जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी सिलसिले में एक अक्तूबर को अश्वनी कुमार कल्याणपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम केंद्र पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मशीन से दो अलग-अलग बार में दस-दस हजार रुपये की नकदी निकाली। जब वह अपने पैसों का लेनदेन कर रहे थे तभी वहां एक अज्ञात व्यक्ति पहले से मौजूद था। उस अनजान व्यक्ति ने मदद करने का नाटक किया और चालाकी से उनका डेबिट कार्ड बदल लिया। अश्वनी कुमार को इस पूरी चालबाजी की जरा सी भी भनक नहीं लगी और वह बिना किसी शक के अपना कार्ड लेकर अपने घर लौट आए। उन्हें यह बिल्कुल पता नहीं चल पाया कि उनका असली कार्ड बदला जा चुका है और उनके साथ एक बड़ी धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया जा चुका है।
मोबाइल पर मैसेज आने पर हुआ धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा
घटना के कुछ दिनों बाद पांच अक्तूबर को अश्वनी कुमार के मोबाइल फोन पर बैंक खाते से लगातार रुपये कटने के संदेश आने लगे। उन मैसेज को देखने पर उन्हें पता चला कि उनके खाते से नौ-नौ हजार और दस हजार रुपये की रकम निकाली गई है। संदेश मिलते ही उनके होश उड़ गए और वह तुरंत बैंक की शाखा में पहुंचे ताकि अपने बैंक खाते की सही स्थिति की पूरी जानकारी ले सकें। बैंक जाकर जब उन्होंने अपने खाते के लेन-देन की जांच करवाई तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि चार अक्तूबर को ही अलग-अलग एटीएम मशीनों से कुल पांच बार में सतहत्तर हजार रुपये यानी 78 हजार रुपये की अवैध निकासी की जा चुकी थी। पिता के इलाज के लिए बैंक खाते में बचाकर रखी गई सारी गाढ़ी कमाई निकल जाने के कारण अश्वनी कुमार बेहद परेशान और चिंतित हो गए। उन्हें अच्छी तरह समझ आ गया कि एटीएम बूथ पर उनका कार्ड धोखे से बदला गया था जिसकी वजह से उनके साथ यह शातिर ठगी हुई है। इसके बाद वह बैंक के कर्मचारियों के पास पहुंचे और उन्हें पूरी घटना की लिखित शिकायत देकर जांच कराने का आग्रह किया।
बैंक और स्थानीय थाने से निराशा के बाद पुलिस कमिश्नर से लगाई गुहार
बैंक के कर्मचारियों ने पीड़ित अश्वनी कुमार की शिकायत पर तुरंत कोई भी कार्रवाई करने से साफ इंकार कर दिया। बैंक स्टाफ ने उन्हें पुलिस के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी ताकि मामले की जांच हो सके। इसके बाद पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर कल्याणपुर थाने पहुंचे लेकिन वहां भी उनकी किसी ने सुनवाई नहीं की और उन्हें कोई मदद नहीं मिली। लगातार थानों और बैंकों के चक्कर काटते रहने से परेशान होकर आखिरकार अश्वनी कुमार ने सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय का रुख किया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर के सामने अपनी पूरी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए। कमिश्नर के सख्त आदेश मिलने के बाद कल्याणपुर थाने की पुलिस हरकत में आई और अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया। एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके पूरे मामले की तहकीकात शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।