गाजियाबाद पुलिस की बड़ी सफलता
गाजियाबाद में पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में वांछित एक शातिर अपराधी को हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की है। यह गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस की एक विशेष टीम द्वारा की गई है जो पिछले काफी समय से इस गिरोह के पीछे लगी थी। पकड़ा गया आरोपी एक अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य बताया जा रहा है जो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से लग्जरी कारें चुराने का काम करता था। पुलिस ने इस अपराधी को सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर पकड़ा है। इस घटना के बाद से ही पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए हैं और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से कुछ आपत्तिजनक सामग्री और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार भी मिले हैं। इस कार्रवाई को शहर में बढ़ते वाहन चोरी के ग्राफ को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
गिरोह के काम करने का तरीका
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से अपनी वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी मुख्य रूप से सुनसान इलाकों और आवासीय सोसायटियों की पार्किंग में खड़ी कारों को अपना निशाना बनाता था। अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके ये लोग गाड़ियों के इलेक्ट्रॉनिक लॉक को चंद मिनटों में तोड़ देते थे और वाहन लेकर फरार हो जाते थे। चोरी करने के बाद ये लोग गाड़ियों को दूसरे राज्यों में ले जाकर उनके नंबर प्लेट बदल देते थे ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रहा जा सके। इन गाड़ियों को बाद में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था या फिर इनके पार्ट्स को अलग-अलग करके कबाड़ में खपा दिया जाता था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चोरी की गई गाड़ियां किन राज्यों में भेजी जाती थीं और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े गिरोह के हाथ हैं। गिरफ्तार सदस्य के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि पूरे नेटवर्क के हर एक लिंक का खुलासा किया जा सके।
वाहन चोरी पर लगाम और सुरक्षा
पृष्ठभूमि के तौर पर देखा जाए तो गाजियाबाद में पिछले कुछ महीनों से कारों की चोरी एक गंभीर समस्या बनकर उभरी है। अंतरराज्यीय गिरोहों की सक्रियता ने आम नागरिकों और प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा दी थी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाती है लेकिन शातिर अपराधी अपनी कार्यप्रणाली बदलते रहते हैं। इस तरह की गिरफ्तारियों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि इनसे गिरोह की कमर टूटती है और चोरी की घटनाओं में कमी आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन मालिकों को अपनी कारों में अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण जैसे जीपीएस ट्रैकर और स्टीयरिंग लॉक लगाने चाहिए ताकि चोरों के लिए चोरी करना कठिन हो जाए। सरकारी स्तर पर वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में और भी गिरफ्तारियां कर सकती है क्योंकि अभी गिरोह का मुख्य सरगना और अन्य साथी फरार बताए जा रहे हैं। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल ने सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया है।