पुलिस मुख्यालय के सामने बंधा धंसा
गोमती नगर विस्तार के सेक्टर सात में स्थित पुलिस मुख्यालय के ठीक सामने बनाए गए नए बंधे की मिट्टी अचानक धंस जाने के कारण गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। ओरेंज अपार्टमेंट के पास नदी की तरफ बंधे का एक बड़ा हिस्सा असामान्य रूप से नीचे बैठ गया है और वहां स्पष्ट रूप से बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। जी-20 मार्ग की तरफ से देखने पर इस क्षतिग्रस्त हिस्से की बदहाली पूरी तरह उजागर होती है। अधिकारियों की तमाम कोशिशें और दावे अब तक इस प्राकृतिक आपदा के सामने पूरी तरह विफल साबित होते दिख रहे हैं। गोमती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण इस कमजोर हिस्से पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यदि नदी का पानी इसी गति से बढ़ता रहा और मिट्टी का कटाव नहीं रोका गया, तो यह दरार और अधिक चौड़ी हो सकती है। बंधा टूटने की स्थिति में आसपास की घनी आबादी, महत्वपूर्ण सरकारी भवनों और प्रमुख अस्पतालों तक पानी पहुंचने की प्रबल आशंका बन गई है। हजारों लोग पहले ही अपना आशियाना छोड़कर सुरक्षित शिविरों और होटलों में शरण लेने को मजबूर हो चुके हैं।
नाला टूटने से फिर डूबे इलाके
इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास जलभराव की समस्या से निपटने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पूरी रात लगातार कड़ी मेहनत की थी। बृहस्पतिवार की सुबह लगभग आठ बजे वह स्थान दोबारा टूट गया जिसे पानी रोकने के लिए बंद किया गया था। इस अप्रत्याशित घटना के कारण इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल, आपदा प्रबंधन विभाग, मर्क्योर होटल और टेंडर पाम हॉस्पिटल के आसपास के क्षेत्रों में पानी फिर से तेजी से भरने लगा। पानी के तेज बहाव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को भी अपनी चपेट में ले लिया और वह पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस संयंत्र तक जाने वाला पूरा रास्ता पानी में डूब जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़कों और अंडरपास के पानी से लबालब भर जाने के कारण दिन में यातायात को पूरी तरह रोकना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और सचिव सुशील प्रताप सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। सचिव ने पूरे दिन खुद घटनास्थल पर रहकर स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी और बचाव कार्यों का नेतृत्व किया।
युद्ध स्तर पर राहत और निकासी अभियान
हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने युद्ध स्तर पर मोर्चा संभाला और टूटे हुए नाले के हिस्से को मिट्टी तथा भारी बोल्डर डालकर मजबूती से बंद किया गया। पानी के आगे के फैलाव को रोकने के बाद निकासी के इस अभियान को काफी तेज कर दिया गया। जलभराव को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए कुल 26 शक्तिशाली पंपों को लगातार चालू किया गया। इन पंपों की निरंतर और लंबी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप शाम होते-होते इकाना स्टेडियम, पलासियो मॉल तथा आसपास के तमाम क्षेत्रों से बाढ़ का पानी काफी हद तक बाहर निकल गया। पानी का स्तर कम होने के बाद स्थानीय निवासियों और प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली। दोपहर के समय जिस यातायात को सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया था, उसे शाम को स्थिति सामान्य होने पर पुनः बहाल कर दिया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण की विशेष टीमें देर शाम तक घटनास्थल पर मुस्तैद रहकर जलनिकासी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखीं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।