खेत पर जुताई के दौरान दिनदहाड़े हत्याकांड
गोरखपुर जिले के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र अंतर्गत करनपुरा गांव में गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे एक दर्दनाक वारदात सामने आई। मेथौली निवासी 26 वर्षीय शिवम पांडेय अपने ट्रैक्टर के साथ खेत जोतने के लिए वहां पहुंचा था, लेकिन चचेरे भाइयों राधेश्याम पांडेय और लवकुश पांडेय ने उसे रोक दिया। दोनों पक्षों के बीच उपजे जमीन संबंधी पुराने विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। स्थिति बिगड़ते देख ट्रैक्टर ड्राइवर वहां से निकल गया, जिसके बाद लवकुश ने अपने भाई राधेश्याम को गोली चलाने के लिए उकसाया। 63 वर्षीय राधेश्याम ने लाइसेंसी बंदूक से शिवम की पीठ पर निशाना साधकर गोली चला दी, जो आर-पार निकल गई। गंभीर रूप से घायल शिवम कुछ दूरी तक दौड़ने का प्रयास करने के बाद सड़क किनारे अचेत होकर गिर पड़ा। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी बंदूक लहराते हुए मोपेड से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मोबाइल में कैद अंतिम क्षणों की गवाही
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें वारदात से पहले का वीडियो रिकॉर्ड मिला है। वीडियो में शिवम साफ शब्दों में कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि हमलावर उसे मारने की धमकी दे रहे हैं और वह खुद इसका प्रमाण एकत्र कर रहा है। शिवम की मां कृष्णावती देवी के अनुसार, उसका बेटा अपने से उम्र में काफी बड़े इन रिश्तेदारों का सम्मान करता था, इसलिए उसने कभी अपना हाथ नहीं उठाया। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने चिल्लाते हुए पूरे खानदान को खत्म करने की धमकी दी थी। पुलिस ने मृतक की बहन मधु पांडेय की तहरीर पर दोनों हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एहतियात के तौर पर सीओ गीडा आभा सिंह के नेतृत्व में विभिन्न थानों की पुलिस ने गांव में डेरा डाला। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को मेथौली गांव में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहाँ परिजनों ने हत्यारों को फांसी की सजा देने की पुरजोर मांग की है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस की सघन छापेमारी
घटना के बाद से ही पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं, जिनमें गोरखपुर से लेकर महराजगंज, संतकबीरनगर और नेपाल सीमा तक का क्षेत्र शामिल है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के तौर पर आरोपियों की कॉल डिटेल और उनके संपर्कों को खंगाल रही है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी भागने की दिशा और मोपेड की पहचान की जा रही है। आरोपियों के एक बेटे समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके संभावित ठिकानों का पता चल सके। मृतक शिवम की बहन ने बताया कि उसका भाई पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था और भविष्य को लेकर काफी आशान्वित था। राधेश्याम और लवकुश पूर्व से ही विवादित स्वभाव के बताए जाते हैं। राधेश्याम के साथ निजी पारिवारिक संबंधों की कड़वाहट भी जगजाहिर थी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब इस दोहरे हत्याकांड में शामिल लाइसेंसी हथियार की बरामदगी करना और फरार बुजुर्ग भाइयों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाना है।