हत्याकांड के मामले में दो हिस्ट्रीशीटरों की तलाश
पुलिस की छानबीन और तहकीकात के दौरान इस गंभीर मामले में दो हिस्ट्रीशीटरों के नाम सामने आए हैं। अधिवक्ता सतीश की हत्या के बाद से ये दोनों आरोपी अपनी जगहों से गायब हैं और पुलिस को इनकी तलाश है। दोनों आरोपियों की पहचान सूरजभान सिंह और आशीष यादव उर्फ सनी के रूप में की गई है। सूरजभान सिंह संतोष कुमार सिंह का बेटा है और वह कल्याणपुर पर्वतपुर अमेठी का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी आशीष यादव उर्फ सनी महेंद्र पाल का बेटा है और प्रतापपुर पटियाली एटा का निवासी बताया गया है। ये दोनों आरोपी कर्नलगंज थाने के आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध हिस्ट्रीशीटर हैं। घटना सामने आने के बाद से ही दोनों फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी टोह लेने में जुटी हुई है। पुलिस महकमे का मानना है कि इन दोनों अभियुक्तों के पकड़े जाने के बाद इस बड़ी वारदात से जुड़े कई महत्वपूर्ण राज खुलकर सामने आ जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से इनकी धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास
इन दोनों संदिग्धों के खिलाफ पहले भी दोनों अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद के सिलसिले में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार सूरजभान सिंह के खिलाफ मम्फोर्डगंज इलाके में 24 जनवरी 2025 को शशांक यादव को गोली से उड़ा देने का आपराधिक मामला दर्ज हुआ था। उस समय सूरजभान के किसी दोस्त की प्रेमिका की तरफ से शिकायत की गई थी जिसके आधार पर दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम दिया गया था। शशांक यादव के उस सनसनीखेज कत्ल के मुकदमे में सूरजभान के साथ-साथ अंशुल सिंह, शशांक पांडेय और शुभम का नाम भी बतौर आरोपी नामजद किया गया था। हालांकि उस पुराने मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत सूरजभान जमानत पर जेल से छूट चुका था। वर्तमान में सूरजभान और सनी दोनों ही कॉटजू बाग कॉलोनी में निवास करते हैं और पुलिस दस्तावेजों में कर्नलगंज थाने के हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज हैं। इन सभी पुराने आपराधिक मामलों और वर्तमान हत्याकांड के तार आपस में जुड़े हुए हैं जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और सर्विलांस कार्रवाई
कर्नलगंज थाने के इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्र ने अपनी पुलिस टीम के साथ मिलकर इन दोनों फरार अपराधियों की सुरागरसी तेज कर दी है। पुलिस दल ने इनकी तलाश में फाफामऊ, तेलियरगंज और राजापुर समेत कई प्रमुख मोहल्लों में सघन छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। आरोपियों का कोई सुराग पाने के लिए पुलिस पूरी ताकत झोंक चुकी है और तकनीकी मदद का भी भरपूर सहारा लिया जा रहा है। दोनों भागे हुए बदमाशों को धर दबोचने के लिए पुलिस विभाग ने 30 से ज्यादा अलग-अलग मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा रखा है। इन मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि उनके छिपने के ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश है कि जल्द से जल्द दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इस पूरी कार्रवाई से इलाके के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।