अनूपपुर जिले में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की चोरी
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के निर्वाचन महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब वहां से बड़ी मात्रा में मतदान से जुड़े उपकरण गायब हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले में कुल 8 वॉलेट बॉक्स और 16 वीवीपैट मशीनें चोरी हो गई हैं। यह सभी सामग्रियां पुराने तहसील भवन के पास बने ईवीएम स्ट्रांग रूम के अंदर रखी हुई थीं जहां से इनके गायब होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए ईवीएम प्रभारी फुल सिंह ने तुरंत कोतवाली अनूपपुर थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी दी गई शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है। इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और निर्वाचन कार्यालय में उच्च स्तर पर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। कोतवाली थाने के अधिकारी इस मामले से जुड़े हर एक पहलू की बारीकी से जांच पड़ताल करने में पूरी तरह जुट गए हैं ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा गठित की गई जांच टीम
अनूपपुर जिले में हुई इस सनसनीखेज चोरी के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। जिले के निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार इस उच्च स्तरीय जांच टीम की कमान एसडीएम अनूपपुर प्रासी अग्रवाल को सौंपी गई है। प्रशासनिक टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी सुरक्षा के बावजूद स्ट्रॉन्ग रूम से मशीनें कैसे बाहर निकाली गईं। पुलिस विभाग के अधिकारी भी कोतवाली क्षेत्र के आसपास के इलाकों को खंगाल रहे हैं ताकि संदिग्धों के बारे में कोई पुख्ता सुराग हाथ लग सके। निर्वाचन कार्यों में इस्तेमाल होने वाली इन महत्वपूर्ण मशीनों के गायब होने से प्रशासनिक अमले में भी काफी बेचैनी देखी जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान करने के लिए हर संभव तकनीकी और मैदानी मदद ली जा रही है। इस मामले में अभी तक किसी भी बाहरी व्यक्ति की सीधी संलिप्तता आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं हुई है लेकिन पुलिस सभी संभावित एंगल से अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था और स्ट्रांग रूम की निगरानी पर सवाल
स्ट्रॉन्ग रूम जैसी सुरक्षित जगह से इतनी बड़ी संख्या में वीवीपैट और वॉलेट बॉक्स गायब होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे हैं कि कड़े पहरे और निगरानी के बावजूद इस तरह की बड़ी चोरी को कैसे अंजाम दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अब इस बात की समीक्षा कर रहा है कि उस रात ड्यूटी पर कौन तैनात था और लापरवाही कहां हुई है। इस घटना के कारण आगामी चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार अनूपपुर के प्रशासनिक संपर्क में हैं और पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। इस जांच के पूरा होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस चोरी के पीछे अंदरूनी हाथ था या किसी बाहरी गिरोह ने इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर इस चोरी का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।