पारा में युवक को मिली जान से मारने की धमकी
लखनऊ के पारा इलाके में रहने वाले अभिमन्यु रावत को व्हाट्सऐप और टेक्स्ट मैसेज के जरिए गंभीर धमकियां दी गई हैं। काकोरी के ग्राम डिडिया निवासी अभिमन्यु ने बताया कि उन्हें किसी गौरव मिश्रा नामक व्यक्ति ने निशाना बनाया है। गौरव मूल रूप से शाहजहांपुर का रहने वाला है और वह लगातार पीड़ित को अभद्र भाषा में संदेश भेज रहा है। आरोपी ने न केवल युवक को जान से खत्म करने की चेतावनी दी है, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी बेहद अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है। जब यह सिलसिला शुरू हुआ, उस समय अभिमन्यु भरोसा स्थित अपने दफ्तर में मौजूद थे। इस पूरे घटनाक्रम ने पीड़ित को मानसिक तनाव में डाल दिया है और उन्होंने अपनी तथा अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की कार्रवाई
अभिमन्यु रावत द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों को पुलिस ने अपनी जांच का मुख्य आधार बनाया है। पीड़ित ने आरोपी द्वारा भेजे गए सभी आपत्तिजनक चैट और टेक्स्ट संदेशों के स्क्रीनशॉट पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए हैं। पारा थाना प्रभारी सुरेश सिंह ने इन सबूतों का संज्ञान लेते हुए मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। अपनी शिकायत में अभिमन्यु ने बताया कि आरोपी ने उसे आगामी 3 तारीख को एक निश्चित स्थान पर मिलने के लिए बुलाया है। गौरव ने यह तक दावा किया है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। आरोपी का यह आत्मविश्वास और धमकियों का सिलसिला पुलिस के लिए जांच का मुख्य विषय है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी की लोकेशन और उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। साइबर सेल की मदद से उन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की भी जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल आरोपी द्वारा किया गया है।
सुरक्षा पर मंडराता खतरा और भविष्य की कानूनी राह
घटना की गंभीरता इस बात से स्पष्ट है कि आरोपी ने पीड़ित को सीधे आमने-सामने मिलने की चुनौती दी है। अभिमन्यु के अनुसार, गौरव मिश्रा उसे लगातार डराकर अपनी शर्तों पर काम करने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज होने के बाद अब इस मामले की कानूनी पड़ताल तेज हो गई है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि डिजिटल माध्यमों से किए गए अपराधों के मामलों में साक्ष्य काफी महत्वपूर्ण होते हैं। पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अब संभावित खतरों का आकलन कर रही है। इस तरह के मामलों में अक्सर आरोपी का उद्देश्य पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना होता है, लेकिन जान से मारने की धमकी देने के कारण इसे अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। जल्द ही पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है या उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए जाएंगे। फिलहाल, पीड़ित का परिवार दहशत के साये में है और प्रशासन से कठोर कार्यवाही की उम्मीद लगाए बैठा है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।